योग से कैंसर मरीजों को लाभ 🧘♀️🌿
कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन योग एक ऐसी प्राचीन भारतीय पद्धति है जो कैंसर मरीजों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करती है। इलाज के दौरान और बाद में योग कई तरह से फायदेमंद होता है।
योग और प्राणायाम से मानसिक तनाव, चिंता और डर में कमी आती है। यह मन को शांत करता है और मरीज को सकारात्मक बनाए रखता है।
अनुलोम-विलोम और भ्रामरी जैसे प्राणायाम कैंसर मरीजों की फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाते हैं और शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर करते हैं।
नियमित योगाभ्यास से मरीज का आत्मबल बढ़ता है, जिससे वे इलाज के कठिन समय में भी मानसिक रूप से मजबूत बने रहते हैं।
कई कैंसर मरीज अनिद्रा या नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना करते हैं। योग Nidra (योग निद्रा) जैसी विधियाँ गहरी और शांत नींद लाने में मदद करती हैं।
कैंसर ट्रीटमेंट के बाद आने वाली शारीरिक थकावट को कम करने में योग एक प्रभावशाली उपाय है। सौम्य योगासन शरीर को सक्रिय और लचीला बनाए रखते हैं।
योग से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है, जिससे मरीज इलाज के दौरान संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ पाते हैं।
योग कोई चमत्कारिक इलाज नहीं है, लेकिन यह एक सहायक उपाय है जो कैंसर मरीजों की जीवनशैली को बेहतर बनाता है और उन्हें आशा, शांति व शक्ति देता है।
👉 नोट: योग करने से पहले अपने डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।