🧬 HIV मरीजों में कैंसर जोखिम
HIV (Human Immunodeficiency Virus) शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) को कमजोर कर देता है। जब शरीर की इम्यून कोशिकाएँ (CD4 cells) कमज़ोर हो जाती हैं, तो शरीर कैंसर पैदा करने वाले वायरस या असामान्य कोशिकाओं से लड़ नहीं पाता। यही कारण है कि HIV मरीजों में कैंसर का खतरा अधिक होता है।
✨ क्यों बढ़ता है कैंसर का खतरा HIV में?
🛡️ कमज़ोर इम्यून सिस्टम – शरीर असामान्य कोशिकाओं को नष्ट नहीं कर पाता।
🦠 अन्य वायरस संक्रमण – जैसे HPV (Human Papilloma Virus), EBV (Epstein-Barr Virus), और Hepatitis B/C, जो कैंसर का कारण बन सकते हैं।
💊 लंबे समय तक दवाइयाँ – HIV की दवाइयों से जीवन लंबा होता है, लेकिन उम्र बढ़ने पर कैंसर का रिस्क भी बढ़ता है।
🔥 HIV मरीजों में आम कैंसर:
कपोसिस सारकोमा (Kaposi Sarcoma)
नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा
सर्वाइकल कैंसर (खासकर महिलाओं में)
एनल कैंसर और लिवर कैंसर
✅ बचाव और सावधानियाँ:
🧑⚕️ HIV मरीजों को नियमित कैंसर स्क्रीनिंग करवानी चाहिए।
💊 HIV की दवाइयाँ (ART – Antiretroviral Therapy) समय पर लेना ज़रूरी है।
🍎 हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल अपनाना चाहिए।
🚭 धूम्रपान और शराब से बचना चाहिए।
💡 निष्कर्ष: HIV मरीज अगर समय पर इलाज लें और सावधानियाँ बरतें, तो कैंसर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।