दूध और उससे बने उत्पाद (दही, पनीर, चीज़, मक्खन आदि) में कई पोषक तत्व होते हैं —
कैल्शियम (हड्डियों के लिए)
प्रोटीन (केसीन और व्हे)
विटामिन D, B12
फैट्स और हार्मोन (विशेषकर एनिमल सोर्स वाले डेयरी में)
अब तक के वैज्ञानिक शोधों के अनुसार:
❌ संभावित रिस्क:
प्रोस्टेट कैंसर:
कुछ शोध बताते हैं कि अधिक मात्रा में दूध (खासकर हाई-फैट डेयरी) लेने से पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है।
👉 संभवतः इसका कारण दूध में मौजूद हार्मोन और इंसुलिन ग्रोथ फैक्टर (IGF-1) हो सकता है।
ओवरी (अंडाशय) कैंसर:
कुछ सीमित शोधों में बताया गया है कि बहुत ज़्यादा डेयरी सेवन (विशेष रूप से लैक्टोज से भरपूर दूध) ओवरी कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकता है।
✅ संभावित फायदे:
कोलन (बड़ी आंत) कैंसर:
दूध में मौजूद कैल्शियम और विटामिन D बड़ी आंत में कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में मदद कर सकते हैं।
कई स्टडीज़ ने दिखाया है कि मॉडरेट डेयरी सेवन कोलन कैंसर के रिस्क को घटा सकता है।
| सेवन स्तर | संभावित असर |
|---|---|
| मॉडरेट (1–2 कप दूध/दिन) | सुरक्षित, पोषण लाभकारी |
| बहुत ज़्यादा (3+ कप/दिन, हाई-फैट डेयरी) | कुछ कैंसर में रिस्क बढ़ सकता है |
| लो-फैट या स्किम्ड डेयरी | अपेक्षाकृत सुरक्षित और हेल्दी |
लो-फैट या टोंड दूध लें 🥛
चीज़ और मक्खन का सेवन सीमित रखें
प्लांट-बेस्ड विकल्प (जैसे बादाम, सोया या ओट मिल्क) को भी शामिल करें
प्रोसेस्ड डेयरी (पिज़्ज़ा चीज़, क्रीम आदि) से बचें
संतुलित आहार और नियमित व्यायाम करें
❝ दूध कैंसर का सीधा कारण नहीं है, पर अत्यधिक मात्रा या हाई-फैट डेयरी का सेवन कुछ प्रकार के कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकता है। ❞
मॉडरेशन (संयम) ही सबसे बेहतर उपाय है।