फल 🍎, सब्जियाँ 🥕, साबुत अनाज 🌾, दालें और ड्राई फ्रूट्स 🌰।
इनमें फाइबर, विटामिन्स और फाइटोकेमिकल्स होते हैं,
जो शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालते हैं।
फ्री रेडिकल्स को नियंत्रित करके कोशिकाओं को क्षति से बचाते हैं।
कोलन, पेट, ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है।
शाकाहारी लोग आमतौर पर लो बीएमआई (Body Mass Index) रखते हैं,
जिससे मोटापा-संबंधी कैंसर का रिस्क घटता है।
लाल मांस (गोमांस, भेड़, सूअर) और प्रोसेस्ड मीट (सॉसेज, बेकन, हैम आदि)।
प्रोसेस्ड मीट में पाए जाने वाले नाइट्रेट्स और नाइट्राइट्स शरीर में जाकर कार्सिनोजेनिक कंपाउंड बनाते हैं।
ग्रिलिंग या फ्राइंग से बनते हैं HCA और PAH नामक तत्व, जो DNA को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
लाल मांस का अधिक सेवन कोलन कैंसर, पैंक्रियाटिक और प्रोस्टेट कैंसर से जुड़ा पाया गया है।
मछली 🐟 और चिकन 🍗 (यदि सीमित मात्रा में खाए जाएँ) तो ये कम रिस्क वाले मांस माने जाते हैं,
क्योंकि इनमें अच्छे फैट (Omega-3) और कम सैचुरेटेड फैट होते हैं।
“ना सिर्फ़ शाकाहारी, ना सिर्फ़ मांसाहारी —
स्वस्थ जीवनशैली का रहस्य है संतुलित आहार।”
अगर आप मांस खाते हैं, तो लाल और प्रोसेस्ड मीट से दूरी बनाएँ।
अधिक से अधिक सलाद, फल और हरी सब्जियाँ अपने प्लेट में रखें।
स्मोकिंग और अल्कोहल से बचें — ये डाइट से ज़्यादा ख़तरनाक हैं।
| तुलना | शाकाहारी डाइट 🌿 | मांसाहारी डाइट 🍖 |
|---|---|---|
| फाइबर की मात्रा | ज़्यादा ✅ | कम ❌ |
| एंटीऑक्सीडेंट्स | अधिक ✅ | सीमित ❌ |
| कैंसर का रिस्क | कम ⚡ | अधिक ⚠️ |
| कोलन कैंसर से सुरक्षा | हाँ ✅ | नहीं ❌ |
“हम वही हैं जो हम खाते हैं!”
इसलिए अपने खाने को सिर्फ़ स्वाद नहीं, स्वास्थ्य का साधन बनाएँ।
रंग-बिरंगे फल, सब्जियाँ और अनाज आपके शरीर को कैंसर से बचाने की प्राकृतिक ढाल दे सकते हैं। 🌈