प्रोसेस्ड और पैकेज्ड सामग्री – जैसे फ्राइज़, चिप्स, बर्गर, पिज़्ज़ा
अधिक चीनी, नमक और ट्रांस फैट्स
केमिकल प्रिज़र्वेटिव्स और कलर्स
ये सभी तत्व बच्चों की तेजी से बढ़ती कोशिकाओं और मेटाबॉलिज़्म पर असर डाल सकते हैं ⚠️
जंक फूड की अधिकता से बच्चों में मोटापा बढ़ता है।
मोटापा इंसुलिन और हार्मोन असंतुलन पैदा करता है,
जो ब्रेस्ट, कोलन और लीवर कैंसर जैसी बीमारियों का रिस्क बढ़ा सकता है।
पैकेज्ड फूड में मौजूद प्रिज़र्वेटिव्स और एडिटिव्स शरीर में
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और क्रॉनिक इंफ्लेमेशन बढ़ा सकते हैं।
लंबे समय तक ये DNA को नुकसान पहुंचाकर कैंसर की शुरुआत कर सकते हैं।
जंक फूड खाने से बच्चों को फल, सब्ज़ियाँ, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स कम मिलते हैं।
ये तत्व कैंसर कोशिकाओं से बचाव के लिए ज़रूरी हैं।
रंग-बिरंगे फल और सब्जियाँ 🍎🥕
साबुत अनाज और दलहन 🌾🥜
नट्स और बीज 🌰
हर्बल ड्रिंक्स – ग्रीन टी, हल्दी दूध 🍵
इनसे बच्चे के शरीर में इम्यूनिटी मजबूत, DNA सुरक्षित और भविष्य का कैंसर रिस्क कम होता है।
घर में जंक फूड की मात्रा सीमित करें 🍟❌
बच्चों को नए फल, सब्ज़ियाँ और नट्स ट्राय करने के लिए प्रोत्साहित करें 🥦🍇
रोज़ाना खेल-कूद और वॉक को आदत बनाएं 🚴♂️🏃♀️
शराब, सॉफ्ट ड्रिंक्स और बहुत मीठी चीज़ें कम से कम दें 🥤🚫
बच्चों के लिए कुकिंग को मज़ेदार बनाएं — सलाद, स्मूदी या फ्रूट कट्स 🥗🍓
“बच्चों की प्लेट में जो आएगा, वही उनके भविष्य की रक्षा करेगा।” 🌱
जंक फूड पर अंकुश और हेल्दी विकल्प अपनाना सिर्फ वजन कम करने के लिए नहीं,
बल्कि भविष्य में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए भी ज़रूरी है।