रेडिएशन से कैंसर का खतरा: जानें सच्चाई
रेडिएशन से कैंसर का खतरा: जानें सच्चाई
परिचय
रेडिएशन (विकिरण) का नाम सुनते ही कई लोगों के मन में कैंसर का डर बैठ जाता है। मोबाइल फोन, एक्स-रे, माइक्रोवेव और यहां तक कि सूरज की किरणों से निकलने वाले विकिरण को लेकर कई तरह की धारणाएं प्रचलित हैं। लेकिन क्या वास्तव में रेडिएशन से कैंसर होने का खतरा होता है? इस ब्लॉग में हम इस विषय पर वैज्ञानिक तथ्यों और सच्चाई को समझने की कोशिश करेंगे।
रेडिएशन क्या है?
रेडिएशन ऊर्जा का एक रूप है, जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों या कणों के माध्यम से फैलती है। यह दो प्रकार की होती है:
- आयनीकरण विकिरण (Ionizing Radiation) – यह उच्च-ऊर्जा विकिरण होता है, जो कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाकर कैंसर का कारण बन सकता है। इसमें एक्स-रे, गामा किरणें और परमाणु विकिरण शामिल हैं।
- गैर-आयनीकरण विकिरण (Non-Ionizing Radiation) – यह कम-ऊर्जा वाला विकिरण होता है, जो आमतौर पर कैंसर का कारण नहीं बनता। इसमें रेडियो तरंगें, मोबाइल फोन, माइक्रोवेव और अल्ट्रावायलेट किरणें शामिल हैं।
क्या रेडिएशन से कैंसर का खतरा होता है?
वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि सभी प्रकार के रेडिएशन से कैंसर का खतरा नहीं होता, लेकिन कुछ खास प्रकार के विकिरण लंबे समय तक संपर्क में रहने पर नुकसानदायक हो सकते हैं:
1. एक्स-रे और मेडिकल स्कैनिंग
- मेडिकल इमेजिंग तकनीकों जैसे कि एक्स-रे, सीटी स्कैन और रेडियोथेरेपी में आयनीकरण विकिरण का उपयोग किया जाता है।
- जरूरत से ज्यादा एक्स-रे स्कैन करवाने से कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना बार-बार स्कैन नहीं करवाना चाहिए।
2. परमाणु विकिरण और गामा किरणें
- परमाणु दुर्घटनाओं (जैसे चेर्नोबिल) और परमाणु हथियारों से निकलने वाला विकिरण अत्यधिक खतरनाक होता है और डीएनए को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर सकता है।
- इससे ल्यूकेमिया, थायरॉइड कैंसर और अन्य कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
3. मोबाइल फोन और 5G नेटवर्क
- मोबाइल फोन से निकलने वाला विकिरण गैर-आयनीकरण होता है, जिसका डीएनए पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता।
- अब तक के वैज्ञानिक शोधों में यह प्रमाणित नहीं हुआ है कि मोबाइल फोन के उपयोग से कैंसर का खतरा बढ़ता है। हालांकि, एहतियात के तौर पर लंबे समय तक मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से बचना चाहिए।
4. सूरज की पराबैंगनी (UV) किरणें
- UV किरणें त्वचा के डीएनए को नुकसान पहुंचा सकती हैं और त्वचा कैंसर (मैलिग्नेंट मेलानोमा) का कारण बन सकती हैं।
- धूप में ज्यादा समय बिताने से पहले सनस्क्रीन का उपयोग करना और धूप से बचाव करना जरूरी है।
रेडिएशन से बचाव के उपाय
अगर आप रेडिएशन के संपर्क में अधिक आते हैं, तो निम्नलिखित सावधानियां अपनाकर खुद को सुरक्षित रख सकते हैं:
- जरूरत से ज्यादा एक्स-रे और सीटी स्कैन न करवाएं।
- मोबाइल फोन का उपयोग सीमित करें और ईयरफोन या स्पीकर का उपयोग करें।
- पराबैंगनी किरणों से बचने के लिए सनस्क्रीन और टोपी का उपयोग करें।
- रेडिएशन से जुड़े कार्यों में सुरक्षा गियर (जैसे लेड शील्ड) पहनें।
- परमाणु रेडिएशन वाली जगहों से दूर रहें और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करें।
निष्कर्ष
रेडिएशन से कैंसर का खतरा इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार के विकिरण के संपर्क में हैं और कितनी मात्रा में हैं। मेडिकल रेडिएशन और सूरज की किरणें नियंत्रित मात्रा में नुकसान नहीं पहुंचातीं, लेकिन परमाणु विकिरण और अत्यधिक एक्स-रे स्कैनिंग खतरनाक हो सकते हैं। जागरूकता और सही सावधानियों के साथ, हम रेडिएशन के दुष्प्रभावों से बच सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
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