कीमोथेरेपी (Chemotherapy) कैंसर के उपचार की एक महत्वपूर्ण पद्धति है, जिसमें शक्तिशाली दवाओं का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। यह उपचार कैंसर के प्रकार और उसकी अवस्था के अनुसार दिया जाता है। हालांकि, कीमोथेरेपी से कई साइड इफेक्ट भी होते हैं, जिनसे सही देखभाल के जरिए निपटा जा सकता है। इस लेख में हम कीमोथेरेपी के फायदे, संभावित दुष्प्रभाव और आवश्यक देखभाल के बारे में विस्तार से जानेंगे।
कीमोथेरेपी एक ऐसी चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसमें कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए दवाओं का उपयोग किया जाता है। ये दवाएं तेजी से बढ़ने वाली कैंसर कोशिकाओं पर असर डालती हैं और उन्हें विभाजित होने से रोकती हैं।
✔️ इंजेक्शन या IV (Intravenous) के माध्यम से – दवा को नसों में इंजेक्ट किया जाता है।
✔️ मौखिक रूप (Oral Chemotherapy) – गोलियों या कैप्सूल के रूप में दवा दी जाती है।
✔️ इंजेक्शन द्वारा – शरीर के किसी विशेष भाग में इंजेक्ट की जाती है।
✔️ टॉपिकल कीमोथेरेपी – त्वचा पर लगाने के लिए क्रीम या जेल के रूप में दी जाती है।
कीमोथेरेपी का मुख्य उद्देश्य कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकना और उन्हें खत्म करना है।
यदि कैंसर शरीर में फैल रहा हो, तो कीमोथेरेपी उसे रोकने और अन्य अंगों में फैलने से बचाने में मदद करती है।
कीमोथेरेपी को अक्सर सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी या इम्यूनोथेरेपी के साथ मिलाकर दिया जाता है ताकि कैंसर पर अधिक प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
कुछ मामलों में, यदि कैंसर पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता, तो कीमोथेरेपी उसके असर को कम करके मरीज की जीवन प्रत्याशा को बढ़ाने में मदद करती है।
कीमोथेरेपी कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के साथ-साथ शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं पर भी प्रभाव डालती है, जिससे कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
कीमोथेरेपी लेने के बाद मरीज को अत्यधिक थकान महसूस हो सकती है, जिससे दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ता है।
यह सबसे सामान्य साइड इफेक्ट है। कुछ मरीजों में उपचार समाप्त होने के बाद बाल वापस उगने लगते हैं।
कीमोथेरेपी से पेट खराब हो सकता है, जिससे उल्टी और मतली महसूस हो सकती है।
कीमोथेरेपी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को कमजोर कर सकती है, जिससे शरीर संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।
यह लाल रक्त कोशिकाओं (RBC), सफेद रक्त कोशिकाओं (WBC) और प्लेटलेट्स की संख्या को कम कर सकता है, जिससे एनीमिया, कमजोरी और ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।
कुछ मरीजों को मुंह में छाले, सूजन और स्वाद में बदलाव का अनुभव हो सकता है।
पाचन तंत्र पर असर पड़ने के कारण मरीज को दस्त या कब्ज की समस्या हो सकती है।
त्वचा का रंग बदल सकता है, नाखून कमजोर हो सकते हैं या टूट सकते हैं।
✔️ ताजे फल और सब्जियां खाएं।
✔️ अधिक पानी पिएं।
✔️ प्रोटीन युक्त भोजन (दूध, दही, दाल, अंडे) का सेवन करें।
✔️ मसालेदार और तले-भुने भोजन से बचें।
✔️ थकान से बचने के लिए दिन में पर्याप्त आराम करें।
✔️ हल्की एक्सरसाइज और योग करें।
✔️ नियमित रूप से हाथ धोएं।
✔️ भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचें।
✔️ साफ-सुथरे और पोषक भोजन का सेवन करें।
✔️ बाल झड़ने के लिए विग या स्कार्फ का उपयोग कर सकते हैं।
✔️ बाल दोबारा उग सकते हैं, इसलिए धैर्य रखें।
✔️ त्वचा को मॉइश्चराइज़ करें।
✔️ केमिकल वाले स्किन प्रोडक्ट्स से बचें।
✔️ डॉक्टर द्वारा दी गई सभी दवाइयां नियमित रूप से लें।
✔️ किसी भी साइड इफेक्ट के बारे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
✔️ परिवार और दोस्तों से भावनात्मक सहयोग लें।
✔️ मेडिटेशन और काउंसलिंग से तनाव कम करें।
कीमोथेरेपी कैंसर के इलाज में प्रभावी भूमिका निभाती है, लेकिन इसके साथ कुछ साइड इफेक्ट भी होते हैं। सही देखभाल, संतुलित आहार, और चिकित्सकीय सलाह का पालन करके इसके प्रभावों को कम किया जा सकता है। यदि आप या आपका कोई प्रियजन कीमोथेरेपी से गुजर रहा है, तो धैर्य बनाए रखें और सकारात्मक सोच रखें।
"कीमोथेरेपी के दौरान सही देखभाल अपनाएं और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ें!"