रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy) कैंसर के इलाज की एक प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, जिसमें उच्च ऊर्जा वाली किरणों (Radiation) का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। इसे अकेले या अन्य उपचारों (जैसे कीमोथेरेपी और सर्जरी) के साथ मिलाकर दिया जा सकता है। इस लेख में हम रेडिएशन थेरेपी के प्रकार, प्रक्रिया, फायदे, साइड इफेक्ट और देखभाल के बारे में विस्तार से जानेंगे।
रेडिएशन थेरेपी में उच्च ऊर्जा वाली एक्स-रे, गामा किरणों या प्रोटॉन बीम का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को मारा जाता है। यह थेरेपी कैंसर कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाकर उन्हें बढ़ने से रोकती है और धीरे-धीरे नष्ट कर देती है।
इसमें रेडिएशन मशीन द्वारा शरीर के बाहर से कैंसर कोशिकाओं पर किरणें डाली जाती हैं। इसे सबसे अधिक उपयोग किया जाता है और यह शरीर के किसी भी भाग में कैंसर के लिए प्रभावी हो सकता है।
इसमें रेडियोधर्मी सामग्री को शरीर के अंदर कैंसर प्रभावित क्षेत्र के पास रखा जाता है। यह तकनीक प्रोस्टेट, सर्वाइकल और ब्रैस्ट कैंसर में अधिक प्रभावी होती है।
इसमें रेडियोधर्मी दवाएं शरीर में इंजेक्शन या ओरल टैबलेट के रूप में दी जाती हैं, जो कैंसर कोशिकाओं तक पहुंचकर उन्हें नष्ट करती हैं। इसे थायरॉइड कैंसर, बोन कैंसर और कुछ अन्य कैंसर के इलाज में प्रयोग किया जाता है।
✔️ डॉक्टर पहले कैंसर की स्टेज और टाइप का विश्लेषण करते हैं।
✔️ सीटी स्कैन और एमआरआई के माध्यम से ट्रीटमेंट एरिया की मैपिंग की जाती है।
✔️ ट्रीटमेंट क्षेत्र पर निशान बनाए जाते हैं ताकि रेडिएशन सही जगह पर केंद्रित हो।
✔️ रेडिएशन की सटीक डोज तय की जाती है।
✔️ बाहरी रेडिएशन थेरेपी में मरीज को मशीन के सामने लेटाया जाता है और रेडिएशन किरणें कैंसर प्रभावित क्षेत्र पर डाली जाती हैं।
✔️ हर सत्र में कुछ मिनट लगते हैं और आमतौर पर 5-6 हफ्तों तक हफ्ते में 5 दिन रेडिएशन दिया जाता है।
✔️ आंतरिक रेडिएशन थेरेपी में रेडियोधर्मी पदार्थ को शरीर के अंदर कुछ समय के लिए रखा जाता है।
✅ कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करता है: यह तेजी से बढ़ने वाली कैंसर कोशिकाओं को खत्म करता है।
✅ कम दर्दनाक प्रक्रिया: मरीज को चीर-फाड़ (सर्जरी) का सामना नहीं करना पड़ता।
✅ लक्षित उपचार: रेडिएशन केवल प्रभावित क्षेत्र पर केंद्रित होता है, जिससे स्वस्थ ऊतकों पर कम असर पड़ता है।
✅ सर्जरी से पहले या बाद में उपयोगी: कैंसर को छोटा करने या दोबारा बढ़ने से रोकने में मदद करता है।
हालांकि रेडिएशन थेरेपी कैंसर के इलाज में प्रभावी होती है, लेकिन इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।
✔️ इलाज वाली जगह पर खुजली, जलन या रंग बदल सकता है।
✔️ रेडिएशन से शरीर में ऊर्जा कम हो सकती है, जिससे थकान महसूस होती है।
✔️ केवल उसी जगह के बाल झड़ते हैं जहां रेडिएशन दिया गया है, जैसे सिर, छाती आदि।
✔️ यदि रेडिएशन पेट या सिर पर दिया गया हो तो मरीज को उल्टी आ सकती है।
✔️ कुछ मरीजों को खाने में दिक्कत हो सकती है, जिससे उनका वजन गिर सकता है।
✔️ कुछ मामलों में सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
✔️ प्रोटीन युक्त भोजन खाएं (अंडे, दूध, दाल, हरी सब्जियां)।
✔️ अधिक पानी और फलों के जूस पिएं।
✔️ तले-भुने और मसालेदार भोजन से बचें।
✔️ उपचार क्षेत्र को धूप से बचाएं।
✔️ डॉक्टर द्वारा सुझाई गई क्रीम और लोशन का उपयोग करें।
✔️ रेडिएशन थेरेपी से थकान हो सकती है, इसलिए भरपूर नींद लें।
✔️ हल्की एक्सरसाइज करें लेकिन शरीर को अधिक थकाएं नहीं।
✔️ हाथ धोने की आदत डालें और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें।
✔️ अगर बुखार, खांसी या किसी संक्रमण के लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
✔️ तनाव कम करने के लिए ध्यान (Meditation) और योग करें।
✔️ परिवार और दोस्तों से भावनात्मक सहयोग लें।
रेडिएशन थेरेपी कैंसर के इलाज की एक प्रभावी तकनीक है, जो कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने और रोग के प्रसार को रोकने में मदद करती है। हालांकि इसके कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं, लेकिन सही देखभाल और चिकित्सकीय मार्गदर्शन से इन्हें कम किया जा सकता है। यदि आपको रेडिएशन थेरेपी की सलाह दी गई है, तो डॉक्टर से पूरी जानकारी लें और उपचार के दौरान सही सावधानियां बरतें।
"सही इलाज और देखभाल से कैंसर से लड़ें और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ें!"