कैंसर का इलाज लगातार विकसित हो रहा है, और इम्यूनोथेरेपी (Immunotherapy) इस क्षेत्र में एक नई क्रांति के रूप में उभरी है। यह उपचार शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को कैंसर कोशिकाओं से लड़ने के लिए मजबूत करता है। पारंपरिक उपचार जैसे कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी के विपरीत, इम्यूनोथेरेपी कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय करती है।
इम्यूनोथेरेपी एक उन्नत चिकित्सा पद्धति है जो कैंसर से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रशिक्षित और मजबूत बनाती है। यह थेरेपी कैंसर कोशिकाओं की पहचान करके उन्हें नष्ट करने में मदद करती है, जिससे शरीर खुद कैंसर के खिलाफ लड़ सके।
✔️ ये विशेष प्रकार के एंटीबॉडी होते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं पर मौजूद प्रोटीन को पहचानकर उन्हें नष्ट करने में मदद करते हैं।
✔️ हर्पटिन (Herceptin) और एवास्टिन (Avastin) इस श्रेणी की प्रमुख दवाएं हैं।
✔️ कैंसर कोशिकाएं शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को निष्क्रिय करने की कोशिश करती हैं।
✔️ चेकपॉइंट इनहिबिटर्स इन रुकावटों को हटाकर इम्यून सिस्टम को सक्रिय कर देते हैं।
✔️ प्रमुख दवाएं: पेम्ब्रोलिज़ुमैब (Pembrolizumab), निबोलुमैब (Nivolumab)।
✔️ मरीज के शरीर से टी-कोशिकाओं (T-Cells) को निकालकर लैब में जेनेटिक रूप से बदला जाता है।
✔️ इन संशोधित टी-कोशिकाओं को वापस शरीर में डाला जाता है ताकि वे कैंसर कोशिकाओं पर हमला कर सकें।
✔️ इसमें इंटरल्यूकिन (Interleukin) और इंटरफेरॉन (Interferon) जैसे तत्वों का उपयोग किया जाता है, जो इम्यून सिस्टम को कैंसर के खिलाफ मजबूत बनाते हैं।
✔️ कुछ प्रकार के कैंसर को रोकने के लिए वैक्सीन दी जाती है, जैसे HPV वैक्सीन (सर्वाइकल कैंसर के लिए) और हेपेटाइटिस B वैक्सीन (लीवर कैंसर के लिए)।
1️⃣ डॉक्टर मरीज की कैंसर स्टेज और टाइप की जांच करते हैं।
2️⃣ जरूरी स्कैन और ब्लड टेस्ट किए जाते हैं।
3️⃣ उचित इम्यूनोथेरेपी दवा या प्रक्रिया को चुना जाता है।
4️⃣ इंजेक्शन, ड्रिप (IV) या ओरल टैबलेट के रूप में थेरेपी दी जाती है।
5️⃣ मरीज को नियमित रूप से डॉक्टर की निगरानी में रखा जाता है।
✅ लंबे समय तक प्रभाव: यह कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और नष्ट करने की क्षमता बढ़ाकर लंबे समय तक प्रभावी रह सकती है।
✅ साइड इफेक्ट्स कम: कीमोथेरेपी की तुलना में इसके दुष्प्रभाव कम होते हैं।
✅ अधिक प्रभावी: कुछ मामलों में, यह इलाज उन कैंसर मरीजों पर भी काम करता है, जिन पर कीमोथेरेपी या रेडिएशन असर नहीं करता।
✅ नैचुरल तरीका: यह शरीर की अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर से लड़ने में सक्षम बनाता है।
हालांकि यह इलाज सुरक्षित है, फिर भी कुछ मरीजों को हल्के से मध्यम दुष्प्रभाव महसूस हो सकते हैं:
✔️ शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है, जिससे थकान महसूस हो सकती है।
✔️ कुछ मरीजों को हल्का बुखार और ठंड लगने की समस्या हो सकती है।
✔️ कुछ मामलों में, स्किन एलर्जी हो सकती है।
✔️ शरीर में कहीं-कहीं सूजन या हल्का दर्द हो सकता है।
✔️ मतली, डायरिया या भूख कम लग सकती है।
अगर दुष्प्रभाव गंभीर होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
इम्यूनोथेरेपी का उपयोग कई प्रकार के कैंसर के इलाज में किया जाता है, जिनमें शामिल हैं:
✔️ फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer)
✔️ ब्लड कैंसर (Leukemia, Lymphoma)
✔️ स्किन कैंसर (Melanoma)
✔️ गुर्दे का कैंसर (Kidney Cancer)
✔️ सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer)
✔️ ब्रैस्ट कैंसर (Breast Cancer)
✔️ पौष्टिक आहार लें: फल, हरी सब्जियां, प्रोटीन युक्त भोजन जैसे अंडे, दूध और नट्स खाएं।
✔️ पर्याप्त पानी पिएं: हाइड्रेटेड रहना जरूरी है।
✔️ शरीर को आराम दें: पर्याप्त नींद और हल्का व्यायाम करें।
✔️ संक्रमण से बचें: इम्यूनोथेरेपी के दौरान संक्रमण का खतरा रहता है, इसलिए सफाई का ध्यान रखें।
✔️ तनाव से दूर रहें: योग और ध्यान करने से मानसिक शांति मिलेगी।
इम्यूनोथेरेपी को कैंसर इलाज का भविष्य माना जा रहा है। वैज्ञानिक लगातार नई तकनीकों पर शोध कर रहे हैं ताकि इसे और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। भविष्य में, यह थेरेपी अधिक प्रकार के कैंसर में उपयोगी हो सकती है और कैंसर को पूरी तरह ठीक करने में मदद कर सकती है।
इम्यूनोथेरेपी कैंसर के इलाज में एक क्रांतिकारी तकनीक है जो शरीर की अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर से लड़ने के लिए मजबूत बनाती है। यह इलाज उन मरीजों के लिए एक नई उम्मीद बन चुका है, जिन पर पारंपरिक उपचार असर नहीं कर रहे थे। हालांकि इसके कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं, लेकिन सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह से इसे प्रभावी रूप से अपनाया जा सकता है।