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स्तन कैंसर: मैमोग्राफी कितनी जरूरी?


स्तन कैंसर: मैमोग्राफी कितनी जरूरी?



परिचय



स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे अधिक होने वाला कैंसर है, लेकिन अगर समय रहते इसका पता चल जाए तो इसका इलाज पूरी तरह संभव है। मैमोग्राफी एक ऐसी जांच प्रक्रिया है जो स्तन कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाने में मदद करती है। इसलिए, मैमोग्राफी को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।



मैमोग्राफी क्या है?



मैमोग्राफी एक विशेष प्रकार की एक्स-रे जांच है, जिससे स्तनों के अंदर की संरचना को देखा जा सकता है। इस प्रक्रिया में बहुत ही सूक्ष्म गांठें या ट्यूमर भी सामने आ जाते हैं, जिन्हें हाथ से महसूस कर पाना संभव नहीं होता।



मैमोग्राफी क्यों जरूरी है?



सबसे पहले, यह कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में कर देती है, जब इसके कोई लक्षण नहीं दिखाई देते। यह जांच 40 वर्ष से ऊपर की महिलाओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद मानी जाती है। अगर परिवार में पहले किसी महिला को स्तन कैंसर हो चुका हो तो जोखिम और भी बढ़ जाता है, ऐसे में समय-समय पर मैमोग्राफी कराना अनिवार्य हो जाता है।



इसके अलावा, मैमोग्राफी के माध्यम से अगर कैंसर का जल्दी पता चल जाता है, तो इलाज आसान, कम खर्चीला और अधिक सफल होता है। यह जान बचाने वाली प्रक्रिया है, जिससे कई महिलाओं को समय रहते जीवनदान मिल चुका है।



मैमोग्राफी कब करानी चाहिए?



सामान्यतः 40 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं को हर 1 या 2 साल में एक बार मैमोग्राफी करानी चाहिए। अगर किसी महिला में स्तन कैंसर का पारिवारिक इतिहास है या वह हाई-रिस्क श्रेणी में आती है, तो डॉक्टर की सलाह से इससे पहले भी जांच करवाई जा सकती है।



मैमोग्राफी से जुड़े कुछ संदेह



कई महिलाओं को लगता है कि मैमोग्राफी दर्दनाक या हानिकारक हो सकती है, लेकिन यह एक सुरक्षित और तेज प्रक्रिया है। इसमें मामूली असहजता महसूस हो सकती है, परंतु यह कुछ ही मिनटों की बात होती है। इसमें रेडिएशन का उपयोग भी बहुत कम मात्रा में होता है, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं होता।



जांच से पहले ध्यान रखने योग्य बातें



मैमोग्राफी के दिन पाउडर, डियोड्रेंट या परफ्यूम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे छवि में गड़बड़ी आ सकती है। जांच से पहले डॉक्टर को अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जरूर दें, ताकि जांच सही तरीके से हो सके।



निष्कर्ष



मैमोग्राफी स्तन कैंसर से बचाव की दिशा में एक प्रभावी कदम है। यह जांच न केवल कैंसर का जल्दी पता लगाने में मदद करती है, बल्कि इलाज के परिणामों को भी बेहतर बनाती है। महिलाओं को डरने के बजाय जागरूक होकर समय-समय पर मैमोग्राफी करवानी चाहिए। एक छोटी सी जांच जीवन की रक्षा कर सकती है।



स्वस्थ स्तन, सुरक्षित जीवन — मैमोग्राफी ज़रूरी है। 💗🎀


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