गर्भाशय कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) महिलाओं में होने वाला एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य कैंसर है। यह ज्यादातर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) नामक वायरस के कारण होता है। अच्छी बात यह है कि आज के समय में इस वायरस से बचने के लिए टीका (वैक्सीन) उपलब्ध है, जिससे गर्भाशय कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
एचपीवी एक सामान्य वायरस है, जो यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है। इसके कई प्रकार होते हैं, जिनमें से कुछ प्रकार गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) की कोशिकाओं में असामान्य बदलाव कर कैंसर उत्पन्न कर सकते हैं।
HPV वैक्सीन एक ऐसा टीका है जो शरीर को वायरस से लड़ने में मदद करता है। यह टीका शरीर को HPV वायरस के संक्रमण से सुरक्षित करता है और इस तरह से गर्भाशय कैंसर से भी बचाता है।
आदर्श उम्र: 9 से 14 वर्ष की उम्र की लड़कियों को यह टीका लगवाना सबसे प्रभावी माना जाता है।
बड़ों के लिए भी फायदेमंद: 26 वर्ष तक की महिलाएं भी डॉक्टर की सलाह से यह टीका लगवा सकती हैं।
पुरुषों के लिए भी: HPV वायरस से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए लड़कों को भी यह टीका लगाया जा सकता है।
यदि लड़की की उम्र 14 साल से कम है, तो उसे दो डोज़ की जरूरत होती है।
15 साल या उससे अधिक उम्र वालों को तीन डोज़ की सलाह दी जाती है।
गर्भाशय कैंसर से प्रभावी बचाव।
यौन संचारित रोगों के खतरे में कमी।
दीर्घकालिक सुरक्षा और बेहतर जीवन गुणवत्ता।
हाँ। टीकाकरण के बाद भी महिलाओं को पैप स्मीयर टेस्ट या अन्य नियमित जांच करवाते रहना चाहिए, ताकि यदि कोई बदलाव हो तो उसका समय रहते इलाज हो सके।
HPV वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है। कभी-कभी हल्का बुखार, दर्द या सूजन टीका लगने की जगह पर हो सकती है, जो सामान्य है और कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है।
गर्भाशय कैंसर से बचने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका HPV टीकाकरण है। यह न केवल कैंसर से सुरक्षा देता है, बल्कि महिलाओं को एक स्वस्थ जीवन जीने में भी मदद करता है। हर माता-पिता को अपनी बेटियों को समय पर यह टीका लगवाना चाहिए और महिलाएं भी अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहें।
टीका लगवाएं, गर्भाशय कैंसर को दूर भगाएं। 🌸