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गर्भाशय कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण


गर्भाशय कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण



परिचय



गर्भाशय कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) महिलाओं में होने वाला एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य कैंसर है। यह ज्यादातर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) नामक वायरस के कारण होता है। अच्छी बात यह है कि आज के समय में इस वायरस से बचने के लिए टीका (वैक्सीन) उपलब्ध है, जिससे गर्भाशय कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।



HPV क्या है?



एचपीवी एक सामान्य वायरस है, जो यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है। इसके कई प्रकार होते हैं, जिनमें से कुछ प्रकार गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) की कोशिकाओं में असामान्य बदलाव कर कैंसर उत्पन्न कर सकते हैं।



HPV वैक्सीन क्या है?



HPV वैक्सीन एक ऐसा टीका है जो शरीर को वायरस से लड़ने में मदद करता है। यह टीका शरीर को HPV वायरस के संक्रमण से सुरक्षित करता है और इस तरह से गर्भाशय कैंसर से भी बचाता है।



टीकाकरण कब और किसे करवाना चाहिए?





टीका कितनी बार लगता है?





HPV टीका के फायदे





क्या टीकाकरण के बाद जांच जरूरी है?



हाँ। टीकाकरण के बाद भी महिलाओं को पैप स्मीयर टेस्ट या अन्य नियमित जांच करवाते रहना चाहिए, ताकि यदि कोई बदलाव हो तो उसका समय रहते इलाज हो सके।



साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं?



HPV वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है। कभी-कभी हल्का बुखार, दर्द या सूजन टीका लगने की जगह पर हो सकती है, जो सामान्य है और कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है।



निष्कर्ष



गर्भाशय कैंसर से बचने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका HPV टीकाकरण है। यह न केवल कैंसर से सुरक्षा देता है, बल्कि महिलाओं को एक स्वस्थ जीवन जीने में भी मदद करता है। हर माता-पिता को अपनी बेटियों को समय पर यह टीका लगवाना चाहिए और महिलाएं भी अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहें।



टीका लगवाएं, गर्भाशय कैंसर को दूर भगाएं। 🌸


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