प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाला एक आम लेकिन गंभीर प्रकार का कैंसर है। यह प्रोस्टेट ग्रंथि में होता है, जो वीर्य उत्पादन और मूत्र नियंत्रण में सहायक होती है। यह बीमारी अधिकतर उम्रदराज पुरुषों में देखी जाती है, लेकिन समय रहते इसकी पहचान और सावधानी से इससे बचा भी जा सकता है।
शुरुआती चरण में इसके लक्षण बहुत हल्के या न के बराबर होते हैं, लेकिन समय के साथ कुछ सामान्य संकेत दिख सकते हैं:
बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में
मूत्र में रुकावट, धीमा प्रवाह या रुक-रुक कर आना
मूत्र या वीर्य में खून आना
मूत्र त्याग के दौरान जलन या दर्द
कमर, कूल्हे या पीठ में लगातार दर्द
यौन कमजोरी, जैसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, इसलिए समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
ताजे फल, सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन करें
अत्यधिक फैट और रेड मीट से बचें
टमाटर, ब्रोकली और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं
रोजाना 30 मिनट टहलना, दौड़ना या योग करना
मोटापा प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है
इनसे प्रोस्टेट सहित कई प्रकार के कैंसर का जोखिम बढ़ता है
50 साल की उम्र के बाद हर साल PSA टेस्ट (Prostate-Specific Antigen) कराएं
यदि परिवार में किसी को प्रोस्टेट कैंसर रहा हो, तो 45 की उम्र से जांच शुरू कराएं
ध्यान, योग, पर्याप्त नींद और सकारात्मक सोच से मानसिक तनाव को कम करें
प्रोस्टेट कैंसर गंभीर बीमारी है, लेकिन समय रहते सावधानी और जांच से इसका इलाज संभव है। हर पुरुष को इसके लक्षणों के प्रति सतर्क रहना चाहिए और 50 की उम्र के बाद नियमित जांच करवाना चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है।
सावधानी रखिए, समय रहते जांच करवाइए — स्वस्थ रहिए। 🩺💪