सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक प्रमुख कैंसर है, जो गर्भाशय ग्रीवा (cervix) यानी यूट्रस के निचले हिस्से को प्रभावित करता है। इसका सबसे बड़ा कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण होता है। जागरूकता और समय पर टीकाकरण से इसे रोका जा सकता है।
HPV एक बहुत आम वायरस है, जो यौन संपर्क से फैलता है। यह लगभग 100 से अधिक प्रकार का होता है, जिनमें से कुछ प्रकार (जैसे HPV-16 और HPV-18) सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण माने जाते हैं।
अधिकतर मामलों में शरीर खुद ही इस वायरस से लड़ लेता है, लेकिन कभी-कभी यह लंबे समय तक शरीर में रहकर कैंसर का कारण बन सकता है।
HPV संक्रमण गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में परिवर्तन करता है।
समय के साथ ये कोशिकाएं असामान्य होकर कैंसर का रूप ले सकती हैं।
इसलिए HPV को सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण माना जाता है।
HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
9 से 26 वर्ष की आयु की लड़कियों के लिए यह टीका अधिक असरदार होता है, लेकिन वयस्क महिलाएं भी डॉक्टर की सलाह से ले सकती हैं।
टीका लेने से शरीर HPV के खतरनाक प्रकारों से सुरक्षा विकसित कर लेता है।
कंडोम का प्रयोग करें।
एक ही पार्टनर के साथ संबंध रखें और अनावश्यक यौन संपर्क से बचें।
21 वर्ष की उम्र के बाद हर 3 साल में पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए।
यह टेस्ट सर्वाइकल की कोशिकाओं में किसी भी असामान्य बदलाव का पता लगाने में मदद करता है।
धूम्रपान न करें।
संतुलित आहार लें और व्यायाम करें।
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाए रखें।
सर्वाइकल कैंसर एक ऐसा कैंसर है जिसे रोका जा सकता है। समय पर HPV वैक्सीन, नियमित जांच और सावधानी से यह रोग पूरी तरह से टाला जा सकता है। हर महिला को चाहिए कि वह अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहे और अपनी बेटियों को भी समय पर HPV वैक्सीन दिलवाए।
बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है – आज ही एक कदम स्वास्थ्य की ओर बढ़ाएं!