कैंसर का नाम सुनते ही डर लगना स्वाभाविक है, लेकिन यह डर तब और बढ़ जाता है जब बीमारी का पता बहुत देर से चलता है। कैंसर की पहचान अगर शुरुआती चरण में हो जाए, तो न सिर्फ इसका इलाज संभव है, बल्कि मरीज की जीवन गुणवत्ता और जीवनकाल दोनों बढ़ सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि हम समय-समय पर कैंसर की जांच कराते रहें और लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
इलाज की सफलता की संभावना बढ़ती है
कम खर्च और कम जटिलता में इलाज संभव होता है
सर्जरी या कीमोथेरेपी की जरूरत कम हो सकती है
जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है
मानसिक तनाव और डर कम होता है
जिनके परिवार में किसी को कैंसर हुआ हो (अनुवांशिक जोखिम)
जो धूम्रपान, तंबाकू, शराब का सेवन करते हैं
जिनकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है
जो लंबे समय से किसी रोग (जैसे हेपेटाइटिस, एचपीवी संक्रमण) से पीड़ित हैं
जिनका जीवनशैली अस्वस्थ है — कम नींद, तनाव, गलत खानपान आदि
1. मैमोग्राफी
स्तन कैंसर की जांच के लिए। 40 वर्ष की उम्र के बाद हर 1-2 साल में जरूरी।
2. पैप स्मीयर टेस्ट और HPV टेस्ट
गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर के लिए महिलाओं को 21 वर्ष की उम्र से करवाना चाहिए।
3. कोलोनोस्कोपी
कोलन और रेक्टल कैंसर की जांच के लिए। 50 वर्ष के बाद नियमित रूप से।
4. PSA टेस्ट
पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की जांच। 50 वर्ष से ऊपर के पुरुषों के लिए आवश्यक।
5. Low-dose CT स्कैन
धूम्रपान करने वालों के लिए फेफड़ों के कैंसर की जांच। विशेष रूप से 55-80 वर्ष की उम्र में।
6. त्वचा की जांच (Skin Examination)
त्वचा कैंसर की पहचान के लिए किसी भी अजीब तिल, मस्से या घाव को नजरअंदाज न करें।
7. ऑरल स्क्रीनिंग
तंबाकू या गुटखा सेवन करने वालों को मुंह और गले की नियमित जांच करानी चाहिए।
8. ब्लड टेस्ट और बायोप्सी
कुछ मामलों में खून की जांच और बायोप्सी शुरुआती कैंसर का पता लगाने में सहायक होती है।
बिना वजह वजन कम होना
लगातार थकान या कमजोरी
किसी गांठ या सूजन का महसूस होना
बिना कारण बुखार या पसीना आना
किसी घाव का देर तक न भरना
खून की उल्टी, खांसी, या मल में रक्त
मासिक धर्म में बदलाव या असामान्य रक्तस्राव
त्वचा या होठों पर बदलते तिल
संतुलित आहार लें
नियमित व्यायाम करें
धूम्रपान और तंबाकू का सेवन न करें
नियमित रूप से हेल्थ चेकअप करवाएं
टीकाकरण कराएं (जैसे HPV और हेपेटाइटिस B)
मानसिक तनाव से बचें
कैंसर की शुरुआती पहचान ही सबसे बड़ा हथियार है। समय पर जांच, सही जानकारी और सजगता ही कैंसर के खिलाफ हमारी सबसे बड़ी ताकत है। जितनी जल्दी पता चलेगा, उतनी जल्दी और सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकेगा।
हर व्यक्ति को अपनी और अपने परिवार की सेहत को लेकर सतर्क रहना चाहिए। “समय रहते जांच, जीवन बचाए।”