विटामिन D को अक्सर “सनशाइन विटामिन” कहा जाता है क्योंकि यह सूर्य की किरणों से हमारी त्वचा के संपर्क में आने पर स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होता है। यह हड्डियों की मजबूती के लिए तो जरूरी है ही, लेकिन हाल के वर्षों में शोधकर्ताओं ने इसका संबंध कैंसर की रोकथाम और नियंत्रण से भी जोड़ना शुरू कर दिया है।
इस लेख में हम जानेंगे कि कैंसर और विटामिन D का क्या संबंध है, यह कैसे काम करता है, कौन-कौन से कैंसर इससे प्रभावित होते हैं, और क्या सप्लीमेंट या धूप से कैंसर से बचा जा सकता है।
विटामिन D एक फैट-सोल्युबल विटामिन है जो मुख्य रूप से तीन स्रोतों से मिलता है:
सूर्य की किरणें (UVB Rays)
आहार (जैसे अंडा, मछली, दूध)
सप्लीमेंट्स (Vitamin D2 और D3)
यह शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण में मदद करता है, लेकिन इसके अतिरिक्त यह प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) को मजबूत करता है और कोशिकाओं के अनियंत्रित विकास को रोकने में भी सहायक होता है।
कई शोधों में यह पाया गया है कि विटामिन D की पर्याप्त मात्रा शरीर में कैंसर की संभावना को कम कर सकती है। यह विशेष रूप से सेल डिवीजन, सेल डेथ (Apoptosis) और सूजन (Inflammation) को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है।
कुछ प्रमुख कैंसर जिनमें विटामिन D का प्रभाव देखा गया है:
स्तन कैंसर (Breast Cancer)
कोलोरेक्टल कैंसर (Colon & Rectal)
प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer)
ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer)
फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer)
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों के शरीर में विटामिन D का स्तर कम होता है, उनमें इन प्रकार के कैंसर विकसित होने का जोखिम अधिक होता है।
हड्डियों में दर्द और कमजोरी
थकान और ऊर्जा की कमी
प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर होना
सूजन की प्रवृत्ति बढ़ना
कैंसर कोशिकाओं के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण
शोध में यह संकेत मिले हैं कि विटामिन D सप्लीमेंट्स:
कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में विकास को धीमा कर सकते हैं
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं
कैंसर से जुड़ी सूजन और दर्द को कम कर सकते हैं
हालाँकि, अभी तक कोई पक्का प्रमाण नहीं है कि सिर्फ विटामिन D सप्लीमेंट से कैंसर रोका जा सकता है। यह एक सहायक कारक के रूप में काम करता है, मुख्य उपचार नहीं।
1. सूर्य की रोशनी:
रोजाना 15-30 मिनट सुबह की धूप में रहना लाभकारी होता है।
2. खाद्य स्रोत:
वसायुक्त मछली (साल्मन, ट्यूना)
अंडे की ज़र्दी
दूध, दही
विटामिन D युक्त अनाज
3. सप्लीमेंट्स:
डॉक्टर की सलाह पर Vitamin D3 टैबलेट या ड्रॉप्स लिए जा सकते हैं।
अत्यधिक विटामिन D सेवन से टॉक्सिसिटी हो सकती है
शरीर में कैल्शियम का असंतुलन हो सकता है
सप्लीमेंट लेने से पहले ब्लड टेस्ट (25(OH)D) जरूर कराएं
विटामिन D एक सस्ता, सरल लेकिन बेहद असरदार पोषक तत्व है जो कैंसर से बचाव और इलाज में सहायक हो सकता है। हालांकि, इसे कैंसर की दवा नहीं माना जाना चाहिए। सही जीवनशैली, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह के साथ विटामिन D का संतुलन बनाए रखना एक सशक्त प्रतिरक्षा और कैंसर से सुरक्षा की कुंजी हो सकती है।