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कैंसर से जुड़ी सामान्य गलतफहमियाँ


कैंसर से जुड़ी सामान्य गलतफहमियाँ: जानें सच क्या है



कैंसर को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियाँ और गलतफहमियाँ फैली हुई हैं, जिनकी वजह से समय पर इलाज नहीं हो पाता, डर बढ़ता है और मरीज मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं। कई बार ये अफवाहें मरीज को इलाज से दूर कर देती हैं या भ्रमित कर देती हैं।



इस लेख में हम कैंसर से जुड़ी कुछ आम गलतफहमियों और उनके पीछे की सच्चाई को सामने रखेंगे ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े और समय पर सही इलाज मिल सके।





गलतफहमी 1: कैंसर हमेशा जानलेवा होता है



सच:

कैंसर जानलेवा हो सकता है, लेकिन अगर इसे प्रारंभिक अवस्था में पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज संभव है। आज के आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में कई कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकते हैं जैसे कि स्तन कैंसर, थायरॉइड कैंसर, त्वचा कैंसर आदि।





गलतफहमी 2: कैंसर संक्रामक रोग है



सच:

कैंसर किसी से छूने, साथ खाने या रहने से नहीं फैलता। यह संक्रामक नहीं होता। मरीज को सामाजिक बहिष्कार करना या अलग करना गलत है।





गलतफहमी 3: कैंसर का इलाज हमेशा कीमोथेरेपी और रेडिएशन ही होता है



सच:

हर कैंसर के इलाज की प्रक्रिया अलग होती है। कुछ मामलों में सर्जरी, इम्यूनोथेरेपी, हॉर्मोन थेरेपी, या लक्ष्यित (targeted) दवाएं भी उपयोग की जाती हैं। हर मरीज के लिए इलाज डॉक्टर तय करता है।





गलतफहमी 4: कैंसर केवल बुजुर्गों को होता है



सच:

कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है, बच्चों और किशोरों में भी। जैसे – ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर), ब्रेन ट्यूमर, और हड्डियों का कैंसर युवाओं में भी पाया जाता है।





गलतफहमी 5: अगर परिवार में किसी को कैंसर हुआ है तो मुझे भी होगा



सच:

कुछ कैंसर अनुवांशिक हो सकते हैं, जैसे BRCA1/BRCA2 जीन के कारण स्तन कैंसर का खतरा, लेकिन अधिकांश कैंसर पर्यावरणीय, जीवनशैली और अन्य कारकों के कारण होते हैं। परिवार में कैंसर होने से जोखिम बढ़ता है, लेकिन यह निश्चित नहीं कि सभी को होगा।





गलतफहमी 6: बायोप्सी या कैंसर की सर्जरी से कैंसर फैलता है



सच:

यह एक बहुत आम लेकिन बिलकुल गलत धारणा है। बायोप्सी या सर्जरी से कैंसर नहीं फैलता, बल्कि ये जरूरी परीक्षण और इलाज के चरण होते हैं। देर करने से कैंसर का प्रसार बढ़ सकता है।





गलतफहमी 7: कैंसर के इलाज से बाल झड़ना अनिवार्य है



सच:

हर इलाज से बाल नहीं झड़ते। सिर्फ कुछ कीमोथेरेपी दवाएं बाल झड़ने का कारण बनती हैं। रेडिएशन या अन्य उपचार में ऐसा जरूरी नहीं है, और बाल बाद में फिर से उग सकते हैं।





गलतफहमी 8: आयुर्वेद, जड़ी-बूटियाँ या घरेलू उपाय कैंसर का इलाज हैं



सच:

घरेलू उपाय और आयुर्वेद सहायक (supportive care) के तौर पर फायदेमंद हो सकते हैं लेकिन कैंसर का मुख्य इलाज नहीं हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना सिर्फ इन पर निर्भर रहना जानलेवा हो सकता है।





गलतफहमी 9: कैंसर मरीज का जीवन खत्म हो गया है



सच:

कैंसर का इलाज संभव है। आज लाखों लोग कैंसर से उबरकर सामान्य और स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। पॉजिटिव सोच, समय पर इलाज और सही देखभाल से कैंसर को मात दी जा सकती है।





गलतफहमी 10: दर्द या लक्षण न हो तो कैंसर नहीं हो सकता



सच:

कैंसर के शुरुआती चरणों में अक्सर कोई लक्षण नहीं होते। इसलिए नियमित जांच और स्क्रीनिंग महत्वपूर्ण है, खासकर उन लोगों के लिए जिनमें जोखिम अधिक हो।





🔍 निष्कर्ष:



कैंसर एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य रोग है। समाज में फैली अफवाहों और गलतफहमियों से बाहर निकलकर सही जानकारी, समय पर जांच और इलाज को अपनाना ही एकमात्र रास्ता है।



सही जानकारी ही सबसे बड़ी ताकत है – और कैंसर से लड़ने का पहला हथियार।


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