कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिससे जुड़ी जानकारी की जरूरत सभी को होती है। लेकिन दुर्भाग्यवश, कैंसर को लेकर समाज में कई भ्रांतियाँ और अफवाहें फैली हुई हैं, जो न केवल भ्रम फैलाती हैं बल्कि सही इलाज में भी बाधा बनती हैं।
इस लेख में हम कैंसर से जुड़ी कुछ प्रमुख अफवाहों को वैज्ञानिक तथ्यों के साथ समझेंगे, ताकि जागरूकता फैले और डर नहीं, समझ बढ़े।
सच:
नहीं। कई प्रकार के कैंसर यदि शुरुआती अवस्था में पकड़ लिए जाएं तो पूरी तरह ठीक हो सकते हैं। जैसे स्तन कैंसर, त्वचा कैंसर (Basal Cell Carcinoma), और प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआती अवस्था में सफलता से इलाज संभव है। आधुनिक चिकित्सा के चलते कई मरीज वर्षों तक स्वस्थ जीवन जीते हैं।
सच:
यह एक आम लेकिन गलत धारणा है। बायोप्सी केवल कैंसर की पुष्टि का एक तरीका है, जिससे डॉक्टरों को सही इलाज तय करने में मदद मिलती है। इससे कैंसर नहीं फैलता।
सच:
अब तक किए गए वैज्ञानिक शोधों में ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है कि मोबाइल फोन या माइक्रोवेव से निकलने वाली रेडिएशन सीधे तौर पर कैंसर का कारण बनती हैं। हां, बहुत ज्यादा उपयोग के मामले में शोध जारी हैं, लेकिन सामान्य उपयोग से खतरा नहीं।
सच:
कैंसर कोई संक्रमण नहीं है। यह व्यक्ति से व्यक्ति में नहीं फैलता। कैंसर के मरीज को छूने, साथ बैठने या खाने से कोई खतरा नहीं होता। यह अफवाह मरीजों को सामाजिक रूप से अलग-थलग कर देती है, जो गलत है।
सच:
यह बात आधी सच्चाई है। कैंसर कोशिकाओं को ग्लूकोज की जरूरत होती है, लेकिन हमारे शरीर की सामान्य कोशिकाएं भी ग्लूकोज से ऊर्जा लेती हैं। केवल चीनी से परहेज करने से कैंसर खत्म नहीं होता, लेकिन संतुलित आहार जरूर मदद करता है।
सच:
हालांकि कुछ आयुर्वेदिक और पूरक उपाय लक्षणों से राहत देने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन केवल इन पर निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है। कैंसर का वैज्ञानिक इलाज — जैसे कीमोथेरेपी, सर्जरी, या रेडिएशन — जरूरी होता है।
सच:
कीमोथेरेपी के कुछ साइड इफेक्ट जरूर होते हैं, लेकिन यह कैंसर को खत्म करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। आधुनिक दवाइयों से अब साइड इफेक्ट को भी अच्छी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
सच:
यह गलत है। कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है, यहां तक कि बच्चों और किशोरों को भी। हां, कुछ प्रकार के कैंसर की संभावना उम्र बढ़ने के साथ अधिक होती है, लेकिन यह केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं है।
सच:
अनुवांशिक कारण केवल कुछ कैंसर में भूमिका निभाते हैं। 90–95% कैंसर जीवनशैली, पर्यावरण और अन्य कारकों से होते हैं। इसलिए नियमित जांच और सावधानी सभी के लिए जरूरी है।
सच:
इलाज के दौरान कुछ कमजोरी आ सकती है, लेकिन यह अस्थायी होती है। इलाज न करवाना शरीर को और अधिक कमजोर बना देता है और कैंसर बढ़ जाता है।
"कैंसर से नहीं, अज्ञानता और अफवाहों से डरें।"
सही जानकारी और समय पर जांच से कैंसर की रोकथाम और इलाज दोनों संभव हैं। इसलिए अफवाहों से बचें, वैज्ञानिक तथ्यों को समझें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।