आज के डिजिटल युग में जानकारी की कोई कमी नहीं है — लेकिन जब बात कैंसर जैसे गंभीर रोग की हो, तो हर जानकारी पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इंटरनेट, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप यूनिवर्स में अफवाहें, अवैज्ञानिक दावे और भ्रामक जानकारी बहुत तेजी से फैलती हैं, जो मरीज और उनके परिवार के लिए खतरनाक हो सकती हैं।
इसलिए ज़रूरी है कि हम कैंसर से जुड़ी जानकारी केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही लें। आइए जानते हैं कि ऐसी जानकारी कहाँ से और कैसे प्राप्त की जाए:
AIIMS (All India Institute of Medical Sciences)
Tata Memorial Hospital, Mumbai
National Cancer Institute, Jhajjar
Aadinath Cancer Medicity, जैसे विशेषज्ञ केंद्र
इन संस्थानों की वेबसाइट पर दिए गए लेख, वीडियो और दिशानिर्देश आधुनिक चिकित्सा विज्ञान पर आधारित होते हैं।
Ministry of Health and Family Welfare (MoHFW)
National Cancer Grid (NCG)
ICMR (Indian Council of Medical Research)
ये संस्थाएं कैंसर के निदान, इलाज, बचाव और अनुसंधान से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराती हैं।
World Health Organization (WHO)
National Cancer Institute (NCI), USA
American Cancer Society (ACS)
Cancer Research UK
इनकी वेबसाइटों पर कैंसर के प्रकार, लक्षण, जांच और उपचार के बारे में विस्तृत और विज्ञान आधारित जानकारी मिलती है।
आपके नजदीकी कैंसर विशेषज्ञ या ऑन्कोलॉजिस्ट ही सबसे सही मार्गदर्शन दे सकते हैं। हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए व्यक्तिगत परामर्श बेहद जरूरी होता है।
YouTube पर WHO, Tata Memorial, या AIIMS द्वारा बनाए गए वीडियो।
Netflix या अन्य प्लेटफॉर्म पर मेडिकल डॉक्युमेंट्रीज़ जो कि वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित हों।
ध्यान रहे: केवल उन चैनल्स को देखें जिनकी प्रामाणिकता प्रमाणित हो और जिनके पीछे डॉक्टर या संस्था हो।
व्हाट्सएप फॉरवर्ड्स या बिना संदर्भ के वायरल मैसेज
गैर-विशेषज्ञ यूट्यूब चैनल जो चमत्कारी इलाज का दावा करें
कोई भी वेबसाइट या व्यक्ति जो "100% इलाज गारंटी" या "केमिकल फ्री इलाज" की बात करे
बिना डॉक्टर की सलाह के आयुर्वेदिक/जड़ी-बूटी उपचार की सिफारिश
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में सही जानकारी ही पहला इलाज है।
भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी लें, डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें और सोशल मीडिया पर मिली हर बात पर तुरंत विश्वास न करें।
"सही जानकारी, सही निर्णय का आधार है।"