पैनक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic Cancer), यानी अग्नाशय का कैंसर, एक बेहद आक्रामक और जानलेवा प्रकार का कैंसर है। इसे "Silent Killer" भी कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते और यह देर से पहचान में आता है। इस लेख में हम जानेंगे कि यह कैंसर इतना खतरनाक क्यों माना जाता है, इसके लक्षण, कारण, जांच, और इलाज के विकल्प क्या हैं।
पैनक्रियास पेट के पीछे मौजूद एक लंबा और सपाट अंग होता है, जो पाचन एंजाइम और इंसुलिन जैसे हार्मोन बनाता है। यह शरीर की शुगर और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
देर से पहचान: इसके शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं जैसे पेट दर्द, थकान या वजन कम होना, जो किसी भी सामान्य बीमारी से मिल सकते हैं।
तेजी से फैलाव: यह कैंसर बहुत तेजी से अन्य अंगों (जैसे लिवर, फेफड़े) में फैलता है।
उपचार में कठिनाई: जब तक इसका पता चलता है, तब तक यह अक्सर एडवांस स्टेज पर होता है, जिससे सर्जरी या इलाज मुश्किल हो जाता है।
कम सर्वाइवल रेट: इस कैंसर की 5-वर्षीय जीवित रहने की दर (survival rate) मात्र 10% से भी कम होती है।
पैनक्रियाटिक कैंसर के कुछ सामान्य लक्षण हैं:
ऊपरी पेट या पीठ में लगातार दर्द
अचानक और बिना कारण वजन घटना
भूख में कमी
पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला होना)
मितली और उल्टी
हल्के रंग का मल और गहरे रंग का मूत्र
थकान और कमज़ोरी
धूम्रपान और तंबाकू सेवन
मोटापा और अनियमित जीवनशैली
क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस (लंबे समय तक अग्नाशय की सूजन)
परिवार में कैंसर का इतिहास
मधुमेह (Diabetes)
उम्र (60 वर्ष से अधिक)
शराब का अत्यधिक सेवन
ब्लड टेस्ट (CA 19-9 नामक ट्यूमर मार्कर)
अल्ट्रासाउंड और CT स्कैन
MRI और PET स्कैन
एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS)
बायोप्सी (ऊतक की जांच)
सर्जरी
अगर कैंसर शुरुआती अवस्था में है, तो ट्यूमर हटाने के लिए Whipple सर्जरी की जाती है।
कीमोथेरेपी
कैंसर को फैलने से रोकने के लिए दवाओं का उपयोग।
रेडिएशन थेरेपी
कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए उच्च ऊर्जा किरणों का उपयोग।
इम्यूनोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी
कुछ मामलों में उपयोगी हो सकती है।
पालिएटिव केयर (Palliative Care)
दर्द और लक्षणों को कम करने में मदद करती है।
धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहें
स्वस्थ और संतुलित आहार लें
वजन नियंत्रित रखें
नियमित व्यायाम करें
मधुमेह को नियंत्रण में रखें
नियमित हेल्थ चेकअप कराएं, खासकर यदि परिवार में किसी को यह कैंसर रहा हो
पैनक्रियाटिक कैंसर को समय रहते पहचानना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन जागरूकता और जीवनशैली में बदलाव करके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। शुरुआती जांच और सावधानी बरतने से इस "खामोश हत्यारे" से लड़ना आसान हो सकता है।