मल्टीपल मायलोमा एक प्रकार का ब्लड कैंसर है जो प्लाज्मा कोशिकाओं (plasma cells) को प्रभावित करता है। यह कैंसर अस्थिमज्जा (Bone Marrow) में शुरू होता है और शरीर की हड्डियों को कमजोर करने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी प्रभावित करता है। यह रोग धीमी गति से बढ़ने वाला हो सकता है, लेकिन समय रहते पहचान और इलाज न होने पर गंभीर रूप ले सकता है।
हमारे शरीर में प्लाज्मा कोशिकाएं एक प्रकार की सफेद रक्त कोशिकाएं होती हैं, जो एंटीबॉडी बनाकर संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं। मल्टीपल मायलोमा में ये कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और असामान्य प्रोटीन (M protein) का निर्माण करती हैं, जो शरीर को नुकसान पहुँचाता है।
हड्डियों में दर्द – विशेषकर पीठ, पसलियों या कूल्हों में
कमजोरी और थकान – एनीमिया के कारण
बार-बार संक्रमण – कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण
हड्डी टूटना – मामूली चोट में भी हड्डियां टूट सकती हैं
किडनी खराब होना – असामान्य प्रोटीन का प्रभाव
उलझन, सिरदर्द या धुंधली दृष्टि – कैल्शियम का स्तर बढ़ने से
आयु – आमतौर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों को प्रभावित करता है
पुरुषों में अधिक
अफ्रीकी या एशियाई मूल के लोगों में ज्यादा देखने को मिलता है
पारिवारिक इतिहास
रासायनिक पदार्थों या रेडिएशन के संपर्क में आना
मोटापा – रिसर्च से इसके जोखिम में वृद्धि का संबंध पाया गया है
ब्लड टेस्ट (Serum Protein Electrophoresis, CBC, Calcium, Creatinine)
यूरीन टेस्ट (Bence-Jones Protein)
बोन मैरो बायोप्सी
इमेजिंग टेस्ट (X-ray, MRI, CT, PET Scan)
Targeted Therapy: कैंसर कोशिकाओं पर सीधे असर डालने वाली दवाएं
Immunotherapy: शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कैंसर से लड़ने में मदद
Chemotherapy: कैंसर कोशिकाओं को मारने वाली पारंपरिक दवाएं
Corticosteroids: सूजन और कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को नियंत्रित करने वाली दवाएं
अस्थिमज्जा की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को स्वस्थ कोशिकाओं से बदलने की प्रक्रिया
बिसफॉस्फोनेट दवाएं हड्डियों को टूटने से बचाने के लिए दी जाती हैं
पोषणयुक्त आहार लें
नियमित रूप से डॉक्टर से परामर्श करें
संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखें
मानसिक तनाव कम करने के लिए योग/ध्यान करें
बोन हेल्थ के लिए विटामिन D और कैल्शियम पर ध्यान दें
मल्टीपल मायलोमा एक जटिल लेकिन नियंत्रित किया जा सकने वाला कैंसर है, यदि इसका समय रहते पता चल जाए। आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से इस बीमारी के साथ लंबे समय तक स्वस्थ जीवन संभव है। जागरूकता, नियमित जांच और जीवनशैली में सुधार इसके प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।