लिम्फोमा (Lymphoma) एक प्रकार का ब्लड कैंसर है, जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम से जुड़ी लिम्फोसाइट नामक सफेद रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। यह कैंसर शरीर के विभिन्न भागों में मौजूद लिम्फ नोड्स (lymph nodes), तिल्ली (spleen), बोन मैरो और अन्य अंगों में फैल सकता है।
यह ब्लड कैंसर का दूसरा प्रमुख रूप है, पहला है – ल्यूकेमिया (Leukemia)। आइए जानते हैं लिम्फोमा क्या होता है, इसके लक्षण, प्रकार, जांच और इलाज के बारे में।
लिम्फोमा तब होता है जब लिम्फोसाइट्स (एक प्रकार की WBC) असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और शरीर में कैंसर कोशिकाओं के रूप में फैलती हैं। यह कैंसर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है और संक्रमणों से लड़ने की क्षमता को घटा देता है।
हॉजकिन लिम्फोमा (Hodgkin Lymphoma)
इसमें "Reed-Sternberg" नामक विशेष प्रकार की कोशिकाएं पाई जाती हैं।
यह अपेक्षाकृत कम आम लेकिन उपचार में अधिक सफल होता है।
नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा (Non-Hodgkin Lymphoma)
यह अधिक आम है और इसके कई उपप्रकार होते हैं।
इसके इलाज का तरीका उपप्रकार पर निर्भर करता है।
गर्दन, बगल या जांघों में सूजी हुई, बिना दर्द की लिम्फ नोड्स
लगातार बुखार आना
रात में पसीना आना
बिना कारण वजन कम होना
थकान और कमजोरी
खुजली या त्वचा पर चकत्ते
सांस लेने में दिक्कत या सीने में दर्द (अगर लिम्फोमा छाती में हो)
फिजिकल जांच – लिम्फ नोड्स की सूजन की जांच
ब्लड टेस्ट – खून की कोशिकाओं में असमान्यता देखने के लिए
बायोप्सी – सूजे हुए लिम्फ नोड की ऊतक जांच
इमेजिंग टेस्ट – X-ray, CT Scan, PET Scan
बोन मैरो टेस्ट – यह देखने के लिए कि कैंसर अस्थि मज्जा तक फैला है या नहीं
कीमोथेरेपी
कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए दवाइयों का इस्तेमाल
रेडिएशन थेरेपी
कैंसर प्रभावित हिस्सों में रेडिएशन से इलाज
इम्यूनोथेरेपी
शरीर की इम्यून सिस्टम को कैंसर से लड़ने में सक्षम बनाना
टारगेटेड थेरेपी
विशेष कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाकर उन्हें खत्म करना
स्टेम सेल ट्रांसप्लांट
गंभीर मामलों में बोन मैरो को पुनः स्वस्थ बनाना
संतुलित और पौष्टिक आहार लें
डॉक्टर की सलाह से नियमित फॉलोअप कराएं
संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई पर ध्यान दें
मानसिक तनाव से बचने के लिए योग/प्राणायाम करें
थकान से बचने के लिए पर्याप्त नींद और आराम लें
लिम्फोमा एक जटिल लेकिन इलाज योग्य कैंसर है, खासकर जब इसका समय रहते पता चल जाए। अगर आपको उपरोक्त लक्षण लंबे समय से दिखाई दे रहे हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। सही जांच और इलाज के जरिए इस कैंसर को नियंत्रित करना संभव है।