थायरॉइड कैंसर (Thyroid Cancer) गले में स्थित एक छोटे से अंग थायरॉइड ग्रंथि में होने वाला कैंसर है। यह ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा स्तर और हार्मोन संतुलन को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है।
पिछले कुछ वर्षों में थायरॉइड कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है, विशेषकर महिलाओं में।
सांख्यिकी बताती है कि महिलाओं में यह पुरुषों की तुलना में 3 से 4 गुना अधिक पाया जाता है।
इस लेख में हम समझेंगे कि थायरॉइड कैंसर महिलाओं में ज्यादा क्यों होता है, इसके लक्षण, कारण, जांच और बचाव के उपाय क्या हैं।
महिलाओं में एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन थायरॉइड कोशिकाओं को प्रभावित कर सकते हैं।
यह हार्मोन कोशिकाओं के विभाजन और वृद्धि को बढ़ावा देता है, जिससे कैंसर कोशिकाएं तेजी से बढ़ सकती हैं।
यही वजह है कि गर्भावस्था, मासिक धर्म चक्र और मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल उतार-चढ़ाव थायरॉइड ग्रंथि को अधिक संवेदनशील बना देते हैं।
महिलाओं में ऑटोइम्यून रोग जैसे हाशिमोटो थायरॉइडाइटिस (Hashimoto’s Thyroiditis) अधिक आम हैं।
लंबे समय तक चलने वाली सूजन (inflammation) थायरॉइड ग्रंथि में कोशिकीय परिवर्तन को प्रेरित कर सकती है, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।
महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक होती हैं।
अल्ट्रासाउंड, हेल्थ चेकअप और अन्य नियमित जांच के दौरान छोटे थायरॉइड नोड्यूल भी जल्दी पकड़ में आ जाते हैं।
इससे रिपोर्टेड मामलों की संख्या भी अधिक हो जाती है।
थायरॉइड कैंसर का पारिवारिक इतिहास महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलता है।
यदि परिवार में किसी महिला को यह कैंसर हुआ है, तो अगली पीढ़ी की महिलाओं में इसका खतरा बढ़ जाता है।
गर्दन के सामने सूजन या गांठ
आवाज में बदलाव या आवाज बैठना
निगलने में कठिनाई
गले में दर्द या असहजता
लगातार खांसी (सर्दी-जुकाम के बिना)
थकान और वजन में बदलाव
महत्वपूर्ण: कई बार यह कैंसर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी विकसित हो सकता है।
फिजिकल जांच (गर्दन में गांठ महसूस करना)
अल्ट्रासाउंड (थायरॉइड नोड्यूल्स की स्थिति और साइज देखने के लिए)
फाइन नीडल एस्पिरेशन बायोप्सी (FNAC) – गांठ से सैंपल लेकर जांच करना
ब्लड टेस्ट – थायरॉइड हार्मोन (TSH, T3, T4) की जांच
CT, MRI या PET Scan – कैंसर के फैलाव की जांच के लिए
सर्जरी (थायरॉइडेक्टोमी)
थायरॉइड ग्रंथि का आंशिक या पूर्ण रूप से हटाया जाना।
रेडियोएक्टिव आयोडीन थेरेपी
शेष बची कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए।
थायरॉइड हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी
शरीर में हार्मोन का संतुलन बनाए रखने के लिए।
रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी (अत्यंत उन्नत मामलों में)
रेडिएशन से बचाव: बचपन में गले के क्षेत्र में अनावश्यक रेडिएशन से बचें।
संतुलित आहार: आयोडीन की पर्याप्त मात्रा युक्त आहार लें।
परिवार में इतिहास हो तो सतर्क रहें: नियमित स्क्रीनिंग कराएं।
हार्मोनल असंतुलन का इलाज कराएं।
धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से बचें।
थायरॉइड कैंसर महिलाओं में ज्यादा आम है और इसका मुख्य कारण हार्मोनल प्रभाव, ऑटोइम्यून रोग, और सक्रिय स्वास्थ्य जांच है।
सौभाग्यवश, यदि इसका समय रहते पता चल जाए तो इलाज के बाद लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीना संभव है।
महिलाओं को चाहिए कि वे नियमित रूप से थायरॉइड जांच कराएं, खासकर यदि परिवार में किसी को थायरॉइड रोग या कैंसर रहा हो।