किडनी कैंसर (Kidney Cancer), जिसे रिनल कैंसर (Renal Cancer) भी कहा जाता है, भारत सहित दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे कैंसर प्रकारों में से एक है।
किडनी शरीर के दो महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो रक्त को छानने, अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के रूप में बाहर निकालने और शरीर में रासायनिक संतुलन बनाए रखने का कार्य करती है।
जब किडनी की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और कैंसर कोशिकाओं में बदल जाती हैं, तो इसे किडनी कैंसर कहा जाता है।
इस लेख में हम जानेंगे कि किडनी कैंसर के लक्षण क्या होते हैं, कौन-कौन से लोग ज्यादा जोखिम में होते हैं, और किन जांचों से इसे पहचाना जा सकता है।
रिनल सेल कार्सिनोमा (Renal Cell Carcinoma)
सबसे सामान्य प्रकार (~85% मामले)।
यूरोट्रेलियल कार्सिनोमा (Urothelial Carcinoma)
गुर्दे के पेल्विस में होने वाला कैंसर।
विल्म्स ट्यूमर (Wilms Tumor)
बच्चों में पाया जाने वाला किडनी कैंसर।
रेयर प्रकार
रिनल सारकोमा, रेनल मेडुलरी कार्सिनोमा आदि।
👉 पेशाब में खून आना (Hematuria)
सबसे आम और शुरुआती लक्षण।
पेशाब में खून का रंग गुलाबी, लाल या कोला जैसा हो सकता है।
👉 पीठ या साइड में लगातार दर्द
आमतौर पर कमर के एक तरफ या पसलियों के नीचे।
👉 पेट में गांठ या सूजन महसूस होना
👉 अकारण वजन घटना
बिना प्रयास के अचानक वजन कम होना।
👉 थकान और कमजोरी
हर समय थकान महसूस होना।
👉 भूख में कमी
👉 बार-बार बुखार आना
कभी-कभी बिना किसी संक्रमण के लगातार बुखार रहना।
👉 रक्तचाप बढ़ना
किडनी हार्मोनल संतुलन बिगड़ने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
👉 एनीमिया (खून की कमी)
थकान का एक और कारण।
ध्यान दें: कई बार किडनी कैंसर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देता और सामान्य हेल्थ चेकअप के दौरान ही इसका पता चलता है।
धूम्रपान करने वाले
मोटापे से ग्रसित व्यक्ति
हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
पारिवारिक इतिहास में किडनी कैंसर होना
लंबे समय से डायलिसिस करवा रहे मरीज
पुरुषों में जोखिम महिलाओं की तुलना में ज्यादा
50 वर्ष से अधिक उम्र
अल्ट्रासाउंड
प्रारंभिक जांच के लिए।
CT स्कैन
कैंसर के फैलाव और सटीक लोकेशन जानने के लिए।
MRI
खासकर तब जब CT स्कैन से स्पष्ट जानकारी न मिले।
Intravenous Pyelogram (IVP)
किडनी की संरचना को देखने के लिए।
बायोप्सी
कैंसर की पुष्टि के लिए ऊतक जांच।
ब्लड टेस्ट
किडनी के कार्य और समग्र स्वास्थ्य की जांच।
सर्जरी
ट्यूमर को हटाना (आंशिक या सम्पूर्ण किडनी हटाई जा सकती है)।
Targeted Therapy
कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने के लिए विशेष दवाएं।
इम्यूनोथेरेपी
इम्यून सिस्टम को कैंसर से लड़ने के लिए सशक्त बनाना।
रेडियोथेरेपी
कुछ मामलों में दर्द कम करने या कैंसर को नियंत्रित करने के लिए।
कीमोथेरेपी
आमतौर पर किडनी कैंसर में सीमित प्रभावी, पर कुछ खास प्रकारों में उपयोगी।
धूम्रपान न करें।
स्वस्थ वजन बनाए रखें।
ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें।
रसायनों और विषाक्त पदार्थों से बचें।
नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, विशेषकर यदि जोखिम कारक मौजूद हों।
किडनी कैंसर का समय रहते पता लगना जीवन रक्षक हो सकता है।
यदि आप ऊपर दिए गए लक्षणों को महसूस कर रहे हैं तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।