भोजन नली का कैंसर (Esophageal Cancer) भारत में धीरे-धीरे बढ़ता हुआ एक गंभीर कैंसर है।
यह भोजन नली (Esophagus) में होता है — जो कि गले से पेट तक भोजन पहुँचाने वाली नली होती है।
जब इस नली की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और कैंसर का रूप ले लेती हैं, तो इसे भोजन नली का कैंसर कहा जाता है।
इस लेख में हम जानेंगे इसके कारण, लक्षण, जांच और इलाज के बारे में।
स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (Squamous Cell Carcinoma)
भोजन नली की अंदरूनी परत (lining) की कोशिकाओं में शुरू होता है।
भारत में यह प्रकार सबसे अधिक देखा जाता है।
एडेनोकार्सिनोमा (Adenocarcinoma)
भोजन नली के निचले भाग में शुरू होता है।
आमतौर पर बारेट्स इसोफेगस (Barrett’s Esophagus) से जुड़ा होता है।
👉 धूम्रपान और तंबाकू सेवन
तंबाकू में पाए जाने वाले रसायन भोजन नली की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाते हैं।
👉 अत्यधिक शराब का सेवन
शराब से भोजन नली की परत में सूजन और कोशिकीय परिवर्तन हो सकते हैं।
👉 बारेट्स इसोफेगस
गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) के लंबे समय तक बने रहने से भोजन नली में बदलाव आ जाता है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ता है।
👉 गर्म और तीखा भोजन
अत्यधिक गरम चाय, कॉफी या गर्म खाना भी भोजन नली को नुकसान पहुँचा सकता है।
👉 मोटापा
मोटापे से GERD और Barrett’s Esophagus का जोखिम बढ़ता है।
👉 वायरल संक्रमण (HPV)
कुछ मामलों में HPV वायरस भी एक कारक हो सकता है।
👉 पोषण में कमी
ताजे फलों और सब्जियों की कमी से कैंसर का जोखिम बढ़ता है।
👉 निगलने में कठिनाई (Dysphagia)
भोजन या पानी निगलने में परेशानी।
👉 गले या सीने में दर्द या जलन
👉 भोजन अटक जाना
👉 भूख में कमी
👉 अकारण वजन कम होना
👉 आवाज़ में बदलाव या खाँसी
👉 थकान महसूस होना
ध्यान दें: अक्सर प्रारंभिक अवस्था में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। लक्षण दिखने पर कैंसर पहले से बढ़ चुका होता है, इसलिए समय रहते जांच कराना जरूरी है।
एंडोस्कोपी (Endoscopy)
एक पतली ट्यूब कैमरा के साथ भोजन नली में डालकर अंदर की स्थिति देखी जाती है।
बायोप्सी
एंडोस्कोपी के दौरान टिशू का सैंपल लेकर जांच करना।
CT स्कैन / MRI
कैंसर के फैलाव का पता लगाने के लिए।
पेट स्कैन (PET Scan)
शरीर में कैंसर के अन्य भागों में फैलाव को जानने के लिए।
बीएरियम स्वैलो टेस्ट
एक्स-रे के जरिए भोजन नली की स्थिति को देखना।
प्रभावित भोजन नली के हिस्से को हटाना।
कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए दवाएं देना।
ट्यूमर को सिकोड़ने के लिए विकिरण का उपयोग।
विशेष दवाएं जो कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाकर खत्म करती हैं।
शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर से लड़ने के लिए सक्रिय बनाना।
धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहें।
शराब का सेवन सीमित करें।
संतुलित आहार लें।
मोटापा नियंत्रित रखें।
बारेट्स इसोफेगस या GERD का समय पर इलाज कराएं।
अत्यधिक गर्म पेय और भोजन से बचें।
भोजन नली का कैंसर एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य और इलाज योग्य रोग है।
यदि आप निगलने में कठिनाई या ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण महसूस करें, तो बिना देरी किए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या कैंसर विशेषज्ञ से संपर्क करें।
समय रहते जांच और उपचार से जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है।