स्तन कैंसर महिलाओं में पाया जाने वाला सबसे आम कैंसर है।
वहीं, गर्भनिरोधक गोलियाँ (Oral Contraceptive Pills) का उपयोग दुनियाभर में महिलाएं परिवार नियोजन, पीरियड्स नियंत्रण और हार्मोनल असंतुलन के इलाज के लिए करती हैं।
लेकिन अक्सर एक सवाल उठता है — क्या गर्भनिरोधक गोलियाँ स्तन कैंसर का खतरा बढ़ाती हैं?
इस लेख में हम जानेंगे:
गर्भनिरोधक गोलियों में क्या होता है,
उनका शरीर पर क्या असर होता है,
और स्तन कैंसर से इनका क्या संबंध है।
गर्भनिरोधक गोलियाँ मुख्यतः दो हार्मोन – एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन का संयोजन होती हैं।
ये हार्मोन:
अंडाणु निकलने से रोकते हैं (Ovulation रोकते हैं)
गर्भाशय में बदलाव कर गर्भधारण की संभावना कम करते हैं
इन हार्मोनों का शरीर पर प्रभाव दीर्घकालीन उपयोग पर कुछ मामलों में कैंसर रिस्क से जुड़ा पाया गया है, विशेष रूप से हार्मोन-संवेदनशील कैंसर जैसे स्तन कैंसर।
कई शोधों से यह पता चला है कि:
गर्भनिरोधक गोलियों के नियमित और लंबे समय तक उपयोग से स्तन कैंसर का जोखिम थोड़ा बढ़ सकता है।
यह जोखिम गोलियाँ बंद करने के 5–10 साल बाद धीरे-धीरे कम हो जाता है।
जिन महिलाओं का पारिवारिक इतिहास (फैमिली हिस्ट्री) स्तन कैंसर से जुड़ा होता है, उनके लिए रिस्क और भी अधिक हो सकता है।
🧪 एक अध्ययन के अनुसार, गर्भनिरोधक गोली लेने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का जोखिम 20% तक बढ़ सकता है, लेकिन यह रिस्क कम अवधि और कम डोज़ वाली गोलियों के साथ बहुत मामूली होता है।
जिनकी माँ, बहन या नानी को स्तन कैंसर हो चुका है
जिनकी BRCA1 या BRCA2 जीन म्यूटेशन की रिपोर्ट पॉज़िटिव हो
जिन्हें हार्मोन-संवेदनशील बीमारियाँ रही हों
35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं, जो धूम्रपान करती हैं
ऐसी महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियाँ लेने से पहले ऑन्कोलॉजिस्ट या गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
हाँ, यह जानना ज़रूरी है कि गर्भनिरोधक गोलियाँ:
गर्भाशय (Uterus) और अंडाशय (Ovary) के कैंसर का जोखिम घटाती हैं
पीरियड्स अनियमितता, PCOS, एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याओं में मददगार हैं
मुहाँसे (Acne) और हार्मोनल असंतुलन से राहत देती हैं
इसलिए इनका संतुलित और सही उपयोग, डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जाए तो इनके फायदे भी महत्वपूर्ण हैं।
गर्भनिरोधक गोलियाँ लेने से पहले परिवार में कैंसर का इतिहास जानें
यदि आप 35 साल से अधिक उम्र की हैं और धूम्रपान करती हैं, तो अन्य विकल्प चुनें
साल में कम से कम एक बार स्तन जांच (Clinical Breast Exam) और मैमोग्राफी करवाएं
स्तनों में कोई गांठ, असमानता या असामान्य बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
अपने डॉक्टर से अन्य गर्भनिरोधक विकल्प जैसे IUCD, Barrier Methods या प्रोजेस्टिन-ओनली पिल्स के बारे में बात करें
गर्भनिरोधक गोलियाँ और स्तन कैंसर के बीच संबंध मामूली लेकिन महत्वपूर्ण है।
हर महिला की स्थिति अलग होती है — इसलिए एक ही सलाह सभी पर लागू नहीं होती।
यदि आप गर्भनिरोधक का उपयोग कर रही हैं या करना चाहती हैं, तो यह आवश्यक है कि आप पहले एक प्रसूतिविज्ञानी (Gynecologist) या कैंसर विशेषज्ञ (Oncologist) से सलाह लें।
स्वास्थ्य की सुरक्षा और जागरूकता के साथ ही सही निर्णय लिए जा सकते हैं।
स्त्री स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात करें — क्योंकि जागरूक महिला ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है।