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स्तन कैंसर और गर्भनिरोधक गोलियाँ


👩‍⚕️ स्तन कैंसर और गर्भनिरोधक गोलियाँ: क्या है संबंध?



स्तन कैंसर महिलाओं में पाया जाने वाला सबसे आम कैंसर है।

वहीं, गर्भनिरोधक गोलियाँ (Oral Contraceptive Pills) का उपयोग दुनियाभर में महिलाएं परिवार नियोजन, पीरियड्स नियंत्रण और हार्मोनल असंतुलन के इलाज के लिए करती हैं।

लेकिन अक्सर एक सवाल उठता है — क्या गर्भनिरोधक गोलियाँ स्तन कैंसर का खतरा बढ़ाती हैं?



इस लेख में हम जानेंगे:







💊 गर्भनिरोधक गोलियों में क्या होता है?



गर्भनिरोधक गोलियाँ मुख्यतः दो हार्मोन – एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन का संयोजन होती हैं।

ये हार्मोन:





इन हार्मोनों का शरीर पर प्रभाव दीर्घकालीन उपयोग पर कुछ मामलों में कैंसर रिस्क से जुड़ा पाया गया है, विशेष रूप से हार्मोन-संवेदनशील कैंसर जैसे स्तन कैंसर।





📈 रिसर्च क्या कहती है?



कई शोधों से यह पता चला है कि:






🧪 एक अध्ययन के अनुसार, गर्भनिरोधक गोली लेने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का जोखिम 20% तक बढ़ सकता है, लेकिन यह रिस्क कम अवधि और कम डोज़ वाली गोलियों के साथ बहुत मामूली होता है।






🧬 किन महिलाओं को अधिक सावधानी रखनी चाहिए?





ऐसी महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियाँ लेने से पहले ऑन्कोलॉजिस्ट या गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।





✅ क्या गर्भनिरोधक गोलियों के कुछ फायदे भी हैं?



हाँ, यह जानना ज़रूरी है कि गर्भनिरोधक गोलियाँ:





इसलिए इनका संतुलित और सही उपयोग, डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जाए तो इनके फायदे भी महत्वपूर्ण हैं।





🩺 क्या करें?





  1. गर्भनिरोधक गोलियाँ लेने से पहले परिवार में कैंसर का इतिहास जानें




  2. यदि आप 35 साल से अधिक उम्र की हैं और धूम्रपान करती हैं, तो अन्य विकल्प चुनें




  3. साल में कम से कम एक बार स्तन जांच (Clinical Breast Exam) और मैमोग्राफी करवाएं




  4. स्तनों में कोई गांठ, असमानता या असामान्य बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें




  5. अपने डॉक्टर से अन्य गर्भनिरोधक विकल्प जैसे IUCD, Barrier Methods या प्रोजेस्टिन-ओनली पिल्स के बारे में बात करें







🧾 निष्कर्ष



गर्भनिरोधक गोलियाँ और स्तन कैंसर के बीच संबंध मामूली लेकिन महत्वपूर्ण है।

हर महिला की स्थिति अलग होती है — इसलिए एक ही सलाह सभी पर लागू नहीं होती

यदि आप गर्भनिरोधक का उपयोग कर रही हैं या करना चाहती हैं, तो यह आवश्यक है कि आप पहले एक प्रसूतिविज्ञानी (Gynecologist) या कैंसर विशेषज्ञ (Oncologist) से सलाह लें।



स्वास्थ्य की सुरक्षा और जागरूकता के साथ ही सही निर्णय लिए जा सकते हैं।

स्त्री स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात करें — क्योंकि जागरूक महिला ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है।


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