40 की उम्र के बाद जरूरी हेल्थ टेस्ट (विशेषकर महिलाओं और पुरुषों – दोनों के लिए)
40 वर्ष के बाद शरीर में उम्र संबंधी बदलाव शुरू हो जाते हैं। ऐसे में समय-समय पर कुछ जरूरी मेडिकल जांचें कराना बीमारियों की समय रहते पहचान और रोकथाम के लिए बेहद जरूरी होता है।
हर 6-12 महीने में
हाई बीपी दिल और किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।
हर साल
डायबिटीज के लिए ज़रूरी। HbA1c पिछले 3 महीनों की शुगर स्थिति बताता है।
हर 1-2 साल में
हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम का आकलन।
हर 1-2 साल में, खासकर शराब सेवन करने वालों के लिए।
हर साल, खासकर बीपी और शुगर रोगियों के लिए।
यदि दिल की धड़कन, छाती में दर्द या थकान जल्दी होती है।
खासकर थकान, वजन बढ़ना/घटना या मूड स्विंग होने पर।
हड्डियों और तंत्रिका प्रणाली के लिए ज़रूरी।
एनीमिया, इंफेक्शन या किसी गंभीर रोग की जांच के लिए।
किसी भी अंदरूनी सूजन या ऑटोइम्यून रोग का संकेत।
मैमोग्राफी (Breast Cancer Screening)
हर 2 साल में या डॉक्टर की सलाह से पहले भी।
पैप स्मीयर टेस्ट (Cervical Cancer)
हर 3 साल में, 21 साल से शुरू कर सकते हैं।
HPV टेस्ट
हर 5 साल में (30 की उम्र के बाद Pap + HPV टेस्ट कॉम्बिनेशन बेहतर है)।
Pelvic Ultrasound / Transvaginal Ultrasound
गर्भाशय और अंडाशय से संबंधित कैंसर/फाइब्रॉइड जांच के लिए।
PSA टेस्ट (Prostate Cancer Screening)
45 साल से शुरू किया जा सकता है, परिवार में हिस्ट्री हो तो पहले।
Testicular Self-Examination
हर महीने घर पर स्वयं जाँच करें।
Eye Checkup (नेत्र जांच)
हर 1-2 साल में, खासकर डायबिटीज और हाई बीपी वालों के लिए।
Dental Checkup (दाँत और मसूड़ों की जांच)
हर 6 महीने में।
Bone Density Test (DEXA Scan)
महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद और पुरुषों में 60 के बाद हड्डियों की मजबूती जांचने के लिए।
Skin Checkup
किसी तिल या धब्बे में बदलाव हो रहा हो तो स्किन कैंसर की आशंका।
🔹 40 की उम्र के बाद "रोग का इलाज" नहीं, "रोग की समय पर पहचान" और रोकथाम ज़रूरी है।
🔹 ऊपर बताए गए टेस्ट्स को सालाना या डॉक्टर की सलाह अनुसार नियमित कराएं।
🔹 जीवनशैली में सुधार, संतुलित आहार, व्यायाम और तनाव प्रबंधन के साथ ये जांचें आपको दीर्घायु और स्वस्थ जीवन दे सकती हैं।