स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर है — लेकिन समय पर पहचान होने से यह पूरी तरह ठीक भी हो सकता है।
इसमें सबसे पहला और अहम कदम है:
👉 "सेल्फ एग्ज़ामिनेशन" यानी स्वयं स्तन की जांच करना।
हर महिला को महीने में एक बार अपने स्तनों की जांच करनी चाहिए। यह सरल प्रक्रिया है और इसे आप घर पर खुद कर सकती हैं।
शुरुआती स्टेज में ही गांठ या असामान्य बदलाव पकड़ में आ सकता है।
हर छोटी गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन जांच ज़रूरी होती है।
नियमित जांच से आप अपने स्तनों को बेहतर तरीके से जानती हैं — कोई भी बदलाव तुरंत पहचान सकती हैं।
महीने में एक बार, पीरियड्स खत्म होने के 7-10 दिन बाद (जब हार्मोनल बदलाव कम होते हैं)।
मेनोपॉज़ के बाद की महिलाएं हर महीने एक तारीख तय कर लें (जैसे हर महीने की 1 तारीख)।
सीधा खड़े हों, हाथ कमर पर रखें।
अपने स्तनों के आकार, आकार में असमानता, त्वचा में खिंचाव, सिकुड़न या निप्पल में बदलाव देखें।
फिर दोनों हाथ ऊपर उठाएं और देखें कि कोई अंतर दिख रहा है क्या।
🔎 ध्यान दें:
कोई सूजन, लाली, त्वचा में डिंपल या निप्पल से डिस्चार्ज तो नहीं?
दोनों स्तन आम तौर पर एक जैसे नहीं होते, लेकिन कोई नया बदलाव दिखे तो नोट करें।
🛏️ लेटकर जांच (Lying Down)
एक तकिया सिर के नीचे रखें।
दाहिने स्तन की जांच के लिए दाहिने हाथ को सिर के नीचे रखें और बाएं हाथ से धीरे-धीरे जांच करें।
उंगलियों के पोरों से हलके दबाव, मध्यम दबाव और गहरे दबाव के साथ जांचें।
गोल-गोल घुमाते हुए पूरा स्तन, बगल (armpit), और निप्पल के चारों ओर जांचें।
🛁 स्नान के समय जांच (In Shower)
जब शरीर गीला और फिसलन भरा होता है तो गांठें आसानी से महसूस होती हैं।
उंगलियों से हलके दबाव में पूरे स्तन की जांच करें।
कोई गांठ (lump) या सूजन
त्वचा में सिकुड़न या गड्ढा
निप्पल का अंदर धँसना या उसकी स्थिति में बदलाव
निप्पल से खून या कोई और डिस्चार्ज
बगल में गांठ या दर्द
अगर आपको इनमें से कोई भी बदलाव नजर आए, तो डरें नहीं, लेकिन देरी भी न करें:
गांठ जो पीरियड्स के बाद भी बनी रहे
निप्पल से अचानक डिस्चार्ज
लगातार दर्द या जलन
त्वचा पर चकत्ते या गड्ढा
याद रखें: हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन हर गांठ की जांच ज़रूरी है।
स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता का सबसे पहला कदम है:
"जानें अपना शरीर, करें नियमित जांच।"
सेल्फ एग्ज़ामिनेशन न सिर्फ आसान है, बल्कि जीवन रक्षक भी हो सकता है।
👩⚕️ हर साल एक बार क्लिनिकल ब्रेस्ट एग्ज़ाम और 40 की उम्र के बाद मैमोग्राफी जरूर कराएं।