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क्या हार्मोनल थैरेपी से कैंसर का खतरा बढ़ता है?


💊 क्या हार्मोनल थैरेपी से कैंसर का खतरा बढ़ता है?



महिलाओं में मेनोपॉज़ के बाद हार्मोनल बदलाव कई बार असहजता पैदा करते हैं — जैसे गरमाहट (hot flashes), मूड स्विंग्स, अनिद्रा और शुष्कता। ऐसे में डॉक्टर्स अक्सर हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी (Hormone Replacement Therapy - HRT) की सलाह देते हैं।

लेकिन एक सवाल अक्सर सामने आता है:



"क्या हार्मोनल थैरेपी लेने से स्तन या अन्य कैंसर का खतरा बढ़ जाता है?"



इस लेख में जानिए हार्मोनल थैरेपी से जुड़े तथ्य, फायदे, जोखिम और कैंसर के साथ इसका संबंध।





🧬 हार्मोनल थैरेपी (HRT) क्या है?



हार्मोनल थैरेपी एक चिकित्सा पद्धति है जिसमें शरीर में एस्ट्रोजन (Estrogen) और कभी-कभी प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) जैसे हार्मोन कृत्रिम रूप से दिए जाते हैं।

इसका मुख्य उद्देश्य होता है:







⚠️ क्या इससे कैंसर का खतरा बढ़ता है?



🔴 हाँ, कुछ मामलों में हार्मोनल थैरेपी से स्तन कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है, विशेष रूप से जब:





  1. एस्ट्रोजन + प्रोजेस्टेरोन दोनों दिए जाएं





    • लंबे समय तक (5 साल या उससे अधिक) लेने पर स्तन कैंसर का खतरा बढ़ता है।




    • रिसर्च बताती है कि यह हर 1,000 महिलाओं में 8–10 अतिरिक्त मामलों का कारण बन सकता है।






  2. पहले से कैंसर का पारिवारिक इतिहास हो





    • BRCA1/BRCA2 म्यूटेशन वाली महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।






  3. बिना डॉक्टर की निगरानी में दवा लेना





    • खुद से हार्मोन लेना हमेशा जोखिम भरा होता है।









🟢 किस स्थिति में HRT अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती है?







📊 रिसर्च क्या कहती है?







🩺 यदि हार्मोनल थैरेपी लेनी हो तो क्या सावधानियाँ रखें?



✅ लेने से पहले:





✅ लेने के दौरान:







🚫 किन महिलाओं को HRT से बचना चाहिए?







🧾 विकल्प क्या हैं?



अगर हार्मोनल थैरेपी का खतरा ज्यादा हो तो ये विकल्प मदद कर सकते हैं:







📌 निष्कर्ष



🔹 हार्मोनल थैरेपी सभी महिलाओं के लिए नुकसानदायक नहीं होती, लेकिन

🔹 लंबे समय तक उपयोग और बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है



हर महिला की स्थिति अलग होती है, इसलिए निर्णय भी व्यक्तिगत और सावधानीपूर्वक होना चाहिए।


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