पेरिमेनोपॉज़ यानी रजोनिवृत्ति (menopause) से पहले का समय – जब महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव शुरू हो जाते हैं।
यह अवधि महीनों से लेकर कई वर्षों तक चल सकती है और आमतौर पर 40 से 50 वर्ष की उम्र के बीच होती है।
इस दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे कई लक्षण होते हैं — जैसे अनियमित पीरियड्स, गरमाहट, मूड स्विंग्स, अनिद्रा आदि।
लेकिन क्या इस बदलाव का कैंसर से भी कोई संबंध है?
आईए जानते हैं पेरिमेनोपॉज़ के दौरान कैंसर का खतरा किस प्रकार से जुड़ा होता है और महिलाएं कैसे सतर्क रह सकती हैं।
हार्मोनल असंतुलन: एस्ट्रोजन लेवल घटता-बढ़ता है
ओवुलेशन अनियमित होता है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं
हॉर्मोन-डिपेंडेंट टिशूज़, जैसे स्तन और गर्भाशय – इन पर सीधा असर पड़ता है
पेरिमेनोपॉज़ के दौरान असंतुलित एस्ट्रोजन और लंबे समय तक एस्ट्रोजन का संपर्क स्तन ऊतकों पर असर डाल सकता है।
खासकर उन महिलाओं में जिनकी पीरियड्स देर से बंद होते हैं, या जिनकी पहली प्रेग्नेंसी देर से हुई हो।
लंबे समय तक अनियमित ओवुलेशन के कारण प्रोजेस्टेरोन की कमी होती है, जिससे गर्भाशय की परत मोटी हो सकती है – जो कैंसर का रूप ले सकती है।
हालांकि इसका संबंध प्रत्यक्ष नहीं है, लेकिन पेरिमेनोपॉज़ के लक्षण और ओवेरियन कैंसर के शुरुआती संकेत (जैसे पेट फूलना, भारीपन, अनियमित पीरियड्स) मिलते-जुलते हैं, जिससे निदान में देर हो सकती है।
40 की उम्र के बाद अत्यधिक रक्तस्राव या पीरियड्स का अचानक बंद होना
पीरियड्स के बीच में खून आना
स्तनों में गांठ या निप्पल से डिस्चार्ज
पेट या श्रोणि (pelvic) में लगातार दर्द या सूजन
अचानक वजन घटाना या भूख में कमी
यदि ये लक्षण 2 हफ्तों से अधिक समय तक बने रहें – तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
जांच का नाम | क्यों ज़रूरी है |
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मैमोग्राफी | स्तन कैंसर की जांच के लिए |
पैप स्मीयर + HPV टेस्ट | सर्वाइकल कैंसर की पहचान |
पेल्विक अल्ट्रासाउंड | गर्भाशय व अंडाशय की स्थिति देखने के लिए |
ब्लड टेस्ट (CA-125) | ओवेरियन कैंसर के संकेत |
थायरॉइड टेस्ट | हार्मोनल संतुलन जांचने के लिए |
स्वस्थ डाइट लें – फाइबर, हरी सब्जियाँ, फल, कम वसा
वजन नियंत्रित रखें – मोटापा स्तन और गर्भाशय कैंसर का बड़ा कारण
नियमित व्यायाम करें – रोज़ाना 30 मिनट
धूम्रपान और शराब से बचें
तनाव कम करें – मेडिटेशन और योग से हार्मोन संतुलित होते हैं
हर साल मेडिकल चेकअप करवाएं
पेरिमेनोपॉज़ एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान शरीर में चल रहे बदलावों को समझना और नियमित जांच करवाना बेहद ज़रूरी है।
यदि सही समय पर सतर्क रहें, तो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को शुरुआती स्टेज पर ही पहचाना और रोका जा सकता है।
🔔 महिलाएं अपनी ज़िम्मेदारी दूसरों के लिए निभाती हैं, अब अपनी सेहत के लिए भी ज़िम्मेदारी लें।