WhatsApp

प्रोस्टेट जांच: कब और क्यों जरूरी?


🩺 प्रोस्टेट जांच: कब और क्यों जरूरी?



प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में सबसे आम कैंसर में से एक है, खासकर 50 वर्ष की उम्र के बाद।

इसलिए समय रहते प्रोस्टेट की जांच करवाना न सिर्फ ज़रूरी है, बल्कि जीवन रक्षक भी हो सकता है।



अक्सर प्रोस्टेट की समस्याएं शुरुआत में कोई लक्षण नहीं देतीं, लेकिन नियमित जांच से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में ही पकड़ा जा सकता है।





🔬 प्रोस्टेट क्या है?



प्रोस्टेट एक छोटा ग्रंथि (ग्लैंड) है जो पुरुषों में मूत्राशय के नीचे और मूत्रमार्ग के चारों ओर होता है। इसका काम है वीर्य (semen) में द्रव बनाना जो शुक्राणुओं को पोषण देता है।



उम्र के साथ यह ग्रंथि बढ़ सकती है, जिससे समस्याएँ हो सकती हैं — जैसे पेशाब में दिक्कत, संक्रमण या कैंसर।





⚠️ प्रोस्टेट से जुड़ी आम समस्याएँ





  1. Benign Prostatic Hyperplasia (BPH) – प्रोस्टेट का सामान्य लेकिन गैर-कैंसर वृद्धि




  2. प्रोस्टेटाइटिस – सूजन या संक्रमण




  3. प्रोस्टेट कैंसर – गंभीर लेकिन धीरे-धीरे बढ़ने वाला कैंसर







👨‍⚕️ किन लोगों को प्रोस्टेट जांच करवानी चाहिए?
























श्रेणी जांच की सिफारिश
50 साल या उससे अधिक उम्र के पुरुष हर 1-2 साल में एक बार जांच
जिनके परिवार में प्रोस्टेट कैंसर रहा हो 45 साल की उम्र से ही जांच शुरू करें
अफ्रीकी मूल या हाई रिस्क वाले पुरुष 45 से पहले जांच जरूरी


 





🧪 कौन-कौन सी जांच होती है?



1. PSA टेस्ट (Prostate-Specific Antigen Test)





2. DRE (Digital Rectal Exam)





3. अल्ट्रासाउंड या बायोप्सी (ज़रूरत पड़ने पर)







🔍 किन लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें?






ये लक्षण हमेशा कैंसर नहीं होते, लेकिन डॉक्टर से दिखाना ज़रूरी है।






📈 प्रोस्टेट कैंसर का जल्दी पता चलने के फायदे







🧘‍♂️ कैसे रखें प्रोस्टेट को स्वस्थ?







🧾 निष्कर्ष



प्रोस्टेट जांच कोई डरने वाली बात नहीं, बल्कि जिम्मेदार पुरुषों का एक समझदार फैसला है।

समय पर की गई जांच से गंभीर बीमारी को रोकना संभव है।




🔔 50 की उम्र पार कर चुके हैं? अब देर न करें — अपने डॉक्टर से मिलें और प्रोस्टेट जांच जरूर करवाएं।



⬅ Back to Blogs


IDETOTO