(How to Do Testicular Self-Examination in Hindi)
अंडकोष (Testicles) पुरुष प्रजनन प्रणाली का एक अहम हिस्सा हैं, और इनमें होने वाले बदलाव कभी-कभी टेस्टिकुलर कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
हालांकि टेस्टिकुलर कैंसर एक दुर्लभ कैंसर है, लेकिन यह आमतौर पर 15 से 35 वर्ष की आयु के पुरुषों में पाया जाता है – और अच्छी बात यह है कि समय पर जांच से यह पूरी तरह ठीक हो सकता है।
इसलिए हर पुरुष को मासिक रूप से खुद अपना टेस्टिकुलर सेल्फ एग्ज़ामिनेशन (TSE) करना आना चाहिए।
हर महीने एक बार करें
सबसे अच्छा समय है गर्म पानी से नहाने के बाद, क्योंकि तब स्क्रोटम (अंडकोष की थैली) मुलायम होता है और किसी भी बदलाव को महसूस करना आसान होता है।
(स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
देखें कि स्क्रोटम (अंडकोष की थैली) में कोई सूजन, लाली या आकार में बदलाव तो नहीं है।
अंगूठा ऊपर और पहली दो उंगलियाँ नीचे रखें।
धीरे-धीरे उंगलियों से हल्के दबाव से रोल करें।
अंडकोष की सतह चिकनी होनी चाहिए।
कोई कठोर गांठ, दर्द या असामान्यता दिखे/महसूस हो तो यह चेतावनी का संकेत हो सकता है।
अंडकोष के पीछे एक नलीनुमा हिस्सा होता है – जिसे एपिडिडिमिस कहते हैं – यह नरम, रस्सी जैसे स्पर्श वाला होता है और सामान्य है।
अंडकोष में कठोर गांठ
अचानक आकार या वजन में बदलाव
दर्द या भारीपन महसूस होना
स्क्रोटम में पानी भरना या सूजन
पेट या कमर में असहजता
❗ ये लक्षण हर बार कैंसर के नहीं होते, लेकिन डॉक्टर से तुरंत जांच कराना ज़रूरी है।
कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन कुछ जोखिम कारक हैं:
जन्म से एक अंडकोष का स्क्रोटम से बाहर होना (Undescended testicle)
पारिवारिक इतिहास
HIV संक्रमण
पहले एक बार कैंसर हो चुका हो
जल्दी पता चलता है तो इलाज आसान होता है
सर्जरी, कीमो और रेडिएशन की जरूरत कम होती है
जीवनरक्षा की संभावना 95% से अधिक होती है शुरुआती स्टेज पर
"स्वास्थ्य के लिए समय निकालना, आत्म-जिम्मेदारी की पहली निशानी है।"
हर पुरुष को अपने शरीर को जानना चाहिए और हर महीने कुछ मिनट का यह सेल्फ एग्ज़ामिनेशन करना चाहिए — ये मिनट आपकी जिंदगी के सालों को बचा सकते हैं।
बोलने से पहले जानें। देखने से पहले जांचें। जागरूक बनें – सुरक्षित रहें।