जब PSA (Prostate Specific Antigen) टेस्ट या डिजिटल रेक्टल एग्ज़ाम (DRE) में कोई असामान्य परिणाम आता है, तब डॉक्टर प्रोस्टेट बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं।
यह एक महत्वपूर्ण जांच है जो यह पता लगाने में मदद करती है कि प्रोस्टेट में कैंसर है या नहीं।
इस लेख में जानिए:
🔹 प्रोस्टेट बायोप्सी क्या होती है
🔹 इसकी प्रक्रिया कैसे होती है
🔹 क्या अनुभव होता है रोगी को
🔹 और क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए
प्रोस्टेट बायोप्सी एक मेडिकल प्रक्रिया है जिसमें डॉक्टर प्रोस्टेट ग्रंथि से छोटे ऊतक के नमूने निकालते हैं।
इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच की जाती है कि कहीं उनमें कैंसर कोशिकाएं तो नहीं हैं।
आमतौर पर डॉक्टर कुछ दिन पहले एंटीबायोटिक दवा शुरू करते हैं संक्रमण से बचाव के लिए।
प्रक्रिया से 6–8 घंटे पहले तक कुछ न खाने की सलाह दी जा सकती है।
यदि आप ब्लड थिनर दवा लेते हैं, तो डॉक्टर उसे कुछ दिन बंद करने को कह सकते हैं।
मुख्य रूप से दो तरीके होते हैं:
यह सबसे सामान्य तरीका है।
रोगी बायीं करवट लेटता है।
डॉक्टर पिछले हिस्से (रेक्टम) से एक खास तरह की अल्ट्रासाउंड मशीन डालते हैं।
उसी रास्ते से एक पतली सुई के ज़रिए प्रोस्टेट के अलग-अलग हिस्सों से 10-12 सैंपल लिए जाते हैं।
इसमें सुई पेट और अंडकोष के बीच की त्वचा (perineum) से डाली जाती है।
संक्रमण का खतरा कम होता है, लेकिन प्रक्रिया थोड़ी लंबी हो सकती है।
⏱️ पूरी प्रक्रिया लगभग 15-30 मिनट में पूरी हो जाती है और रोगी को उसी दिन घर भेजा जा सकता है।
बायोप्सी के समय हल्का दबाव या चुभन महसूस हो सकती है।
स्थानीय एनेस्थीसिया देने से दर्द कम होता है।
प्रक्रिया के बाद:
1-2 दिन तक मूत्र या वीर्य में हल्का खून आ सकता है
हल्का दर्द या जलन महसूस हो सकती है
आमतौर पर ये लक्षण खुद-ब-खुद ठीक हो जाते हैं
❗ किसी भी गंभीर रक्तस्राव, बुखार या पेशाब में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बायोप्सी रिपोर्ट में अगर कैंसर कोशिकाएं पाई जाती हैं तो उन्हें Gleason Score से रेट किया जाता है (2 से 10 तक)।
स्कोर जितना अधिक, कैंसर उतना ही आक्रामक (aggressive) हो सकता है।
कुछ दिन तक भारी सामान न उठाएं
पर्याप्त आराम करें
एंटीबायोटिक्स पूरा कोर्स लें
खूब पानी पिएं
सेक्स से कुछ दिन परहेज़ करें (डॉक्टर की सलाह के अनुसार)
प्रोस्टेट बायोप्सी एक सुरक्षित और प्रभावी जांच है जो प्रोस्टेट कैंसर की पुष्टि के लिए आवश्यक होती है।
यदि आपके डॉक्टर इस जांच की सलाह दें, तो डरें नहीं – प्रक्रिया साधारण है और शुरुआती पता लगने से इलाज आसान हो जाता है।
🔔 “समय पर जांच, जीवन की सुरक्षा।”
अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और नियमित चेकअप कराएं।