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प्रोस्टेट बायोप्सी: प्रक्रिया और अनुभव


🩺 प्रोस्टेट बायोप्सी: प्रक्रिया और अनुभव



जब PSA (Prostate Specific Antigen) टेस्ट या डिजिटल रेक्टल एग्ज़ाम (DRE) में कोई असामान्य परिणाम आता है, तब डॉक्टर प्रोस्टेट बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं।

यह एक महत्वपूर्ण जांच है जो यह पता लगाने में मदद करती है कि प्रोस्टेट में कैंसर है या नहीं



इस लेख में जानिए:

🔹 प्रोस्टेट बायोप्सी क्या होती है

🔹 इसकी प्रक्रिया कैसे होती है

🔹 क्या अनुभव होता है रोगी को

🔹 और क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए





🔍 प्रोस्टेट बायोप्सी क्या है?



प्रोस्टेट बायोप्सी एक मेडिकल प्रक्रिया है जिसमें डॉक्टर प्रोस्टेट ग्रंथि से छोटे ऊतक के नमूने निकालते हैं

इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच की जाती है कि कहीं उनमें कैंसर कोशिकाएं तो नहीं हैं।





🧪 प्रोस्टेट बायोप्सी की प्रक्रिया



✅ 1. तैयारी (Preparation)







✅ 2. प्रक्रिया (Procedure)



मुख्य रूप से दो तरीके होते हैं:



🔹 (A) ट्रांसरेक्टल प्रोस्टेट बायोप्सी (TRUS Biopsy)





🔹 (B) ट्रांसपेरिनियल बायोप्सी





⏱️ पूरी प्रक्रिया लगभग 15-30 मिनट में पूरी हो जाती है और रोगी को उसी दिन घर भेजा जा सकता है।





💬 मरीज का अनुभव: कैसा महसूस होता है?





❗ किसी भी गंभीर रक्तस्राव, बुखार या पेशाब में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।





📋 बायोप्सी रिपोर्ट: क्या देखना होता है?







🧾 प्रोस्टेट बायोप्सी के बाद सावधानियाँ







📌 निष्कर्ष



प्रोस्टेट बायोप्सी एक सुरक्षित और प्रभावी जांच है जो प्रोस्टेट कैंसर की पुष्टि के लिए आवश्यक होती है।

यदि आपके डॉक्टर इस जांच की सलाह दें, तो डरें नहीं – प्रक्रिया साधारण है और शुरुआती पता लगने से इलाज आसान हो जाता है।




🔔 “समय पर जांच, जीवन की सुरक्षा।”

अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और नियमित चेकअप कराएं।



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