कैंसर के इलाज में अब केवल कीमोथेरेपी या रेडिएशन तक सीमित रहना ज़रूरी नहीं है।
आज विज्ञान ने इतनी प्रगति कर ली है कि अब हम सीधे कैंसर कोशिकाओं को लक्ष्य बनाकर इलाज कर सकते हैं – इसे ही कहते हैं टार्गेटेड थेरेपी।
यह उपचार पद्धति कम साइड इफेक्ट, अधिक सटीकता और बेहतर परिणाम** देती है।
टार्गेटेड थेरेपी एक ऐसा इलाज है जो शरीर में मौजूद सिर्फ कैंसर कोशिकाओं के विशिष्ट गुणों को पहचानकर उन्हीं पर हमला करता है, जबकि बाकी स्वस्थ कोशिकाओं को अधिकतर नुकसान नहीं होता।
यह थेरेपी कैंसर कोशिकाओं में पाए जाने वाले
विशेष प्रोटीन
जीन म्यूटेशन
या ग्रोथ फैक्टर
को टार्गेट करती है।
यह इलाज एक स्नाइपर की तरह काम करता है, न कि एक बम की तरह जो सब कुछ नष्ट कर दे।
टार्गेटेड थेरेपी दवाएं कैंसर कोशिकाओं में:
वृद्धि को रोकती हैं
खून की सप्लाई को कम करती हैं
कोशिका के विभाजन को बंद करती हैं
या खुद ही उन्हें नष्ट कर देती हैं
यह दवाएं मौखिक (गोली) या इंजेक्शन के रूप में दी जाती हैं।
🧪 Monoclonal Antibodies (MoAbs): कैंसर कोशिकाओं के सतह पर मौजूद प्रोटीन से जुड़कर उन्हें खत्म करते हैं
💥 Small Molecule Inhibitors: कोशिकाओं के भीतर की प्रक्रियाओं को रोकते हैं जैसे EGFR, ALK, BRAF pathways
🚫 Angiogenesis Inhibitors: कैंसर को खून की आपूर्ति रोककर उसकी वृद्धि रोकते हैं
टार्गेटेड थेरेपी का उपयोग कई तरह के कैंसर में किया जा रहा है, जैसे:
स्तन कैंसर (HER2 पॉजिटिव)
फेफड़ों का कैंसर (EGFR/ALK म्यूटेशन)
कोलन कैंसर
ल्यूकेमिया (CML, ALL)
किडनी और लिवर कैंसर
मल्टीपल मायलोमा
लिंफोमा
इलाज से पहले अक्सर बायोमार्कर टेस्ट या जीन टेस्टिंग की जाती है ताकि पता लगाया जा सके कि कौन-सी दवा असर करेगी।
🎯 केवल कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाना
🛡️ कम साइड इफेक्ट (बाल झड़ना, थकान आदि कम)
📈 बेहतर और लंबे समय तक असर
💊 कई बार कीमोथेरेपी के विकल्प के रूप में
🧬 पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट – हर मरीज के लिए अलग दवा
💸 दवाएं महंगी हो सकती हैं
❌ हर मरीज में असर नहीं होता
⏳ असर धीरे-धीरे दिखता है
📋 समय-समय पर परीक्षण जरूरी
🤒 कुछ मामलों में थकान, त्वचा पर चकत्ते, डायरिया जैसे हल्के साइड इफेक्ट हो सकते हैं
यह आपके कैंसर के प्रकार, स्टेज और बायोमार्कर रिपोर्ट पर निर्भर करता है।
अपने ऑन्कोलॉजिस्ट से बात करें और यदि संभव हो तो जीन म्यूटेशन टेस्ट करवाएं।
टार्गेटेड थेरेपी कैंसर उपचार में एक क्रांतिकारी कदम है।
यह इलाज अधिक सटीक, व्यक्तिगत और प्रभावी है – जो भविष्य में कैंसर के इलाज का मुख्य तरीका बन सकता है।
🔔 "अब कैंसर का इलाज सिर्फ ज़हर नहीं, ज़रूरी ज़िम्मेदारी भी बन गया है – और टार्गेटेड थेरेपी उसका उदाहरण है।"