कैंसर का इलाज — चाहे वह कीमोथेरेपी हो, रेडिएशन या इम्यूनोथेरेपी — न सिर्फ शरीर के अंदर बल्कि त्वचा पर भी असर डालता है।
मरीजों को अक्सर जलन, रूखापन, खुजली, सूजन या रंगत में बदलाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में ज़रूरी है कि आप अपनी त्वचा को सहज, सुरक्षित और स्नेह से संभालें।
त्वचा रूखी और बेजान हो सकती है
हाथ-पैरों की त्वचा छिल सकती है
नाखून काले या टेढ़े हो सकते हैं
स्किन रेडनेस (लालीपन)
जलन या जलने जैसा एहसास
स्किन पीलिंग या छाले
रैशेज़, खुजली या सूजन
सूरज की रोशनी से संवेदनशीलता
दिन में 10 से 4 बजे तक धूप से दूर रहें
बाहर निकलते समय सॉफ्ट कपड़े और हैट पहनें
डॉक्टरी सलाह से SPF 30+ वाला सनस्क्रीन लगाएं
दिनभर खूब पानी पिएं
मॉइस्चराइज़र दिन में 2–3 बार लगाएं (खासकर रेडिएशन क्षेत्र में)
स्किन को और ना बिगाड़ने के लिए
बेबी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल सुरक्षित होता है
गर्म पानी स्किन को और ज्यादा ड्राई करता है
नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइज़र लगाएं
टाइट कपड़े या सिंथेटिक फैब्रिक से स्किन चिढ़ सकती है
टॉवल से हल्के से थपथपाकर पोंछें
रेडिएशन एरिया पर न दबाव डालें
स्किन पहले से संवेदनशील होती है,
ऐसे में कोई केमिकल या स्क्रब नुकसानदायक हो सकता है
डॉक्टर द्वारा अनुमोदित एलोवेरा जेल इस्तेमाल कर सकते हैं
स्किन इंफेक्शन या एलर्जी होने पर लापरवाही न करें
मानसिक तनाव त्वचा की समस्याओं को बढ़ा सकता है
मेडिटेशन, संगीत और सकारात्मक सोच मदद करती है
🌿 एलोवेरा जेल – ठंडक और जलन में राहत
🥥 नारियल तेल – ड्राय स्किन को सॉफ्ट करता है
🥒 खीरे का रस – स्किन को शांत करता है
🥄 ओटमील बाथ – खुजली में आराम
त्वचा आपकी पहली रक्षक होती है – और कैंसर उपचार के दौरान उसे विशेष देखभाल की जरूरत होती है।
थोड़ा सा ध्यान, थोड़ी सी कोमलता और डॉक्टर की सलाह से आप स्किन की परेशानियों को भी साहस से पार कर सकते हैं।
🔔 “इलाज शरीर का होता है, लेकिन देखभाल आत्मा की होती है – अपनी त्वचा को प्यार दें, क्योंकि आप लड़ाई जीत रहे हैं।”